गोपनीयता भंग होने की भी जताई आशंका
प्रदर्शनकारी दस्तावेज लेखकों का कहना है कि नई व्यवस्था से दस्तावेजों की गोपनीयता प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की और कहा कि इस व्यवस्था से पारंपरिक कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
फैसला वापस होने तक जारी रहेगी हड़ताल
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार ई-पंजीकरण रजिस्ट्री मॉड्यूल को वापस नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
कार्यालय का कामकाज हुआ प्रभावित
दस्तावेज लेखकों की हड़ताल का असर उपनिबंधक कार्यालय के कार्यों पर भी दिखाई दिया। कई रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित रहे। प्रदर्शन में मेघनाथ, ओजेश राजपूत, अब्दुल रब, मुकुल शर्मा, अमित सिंघल, भानु प्रकाश, हरिओम सिंघल, शशिकांत, सुनील भटनागर, शहजाद आलम सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक मौजूद रहे।