शोर सुनकर ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। गांव के ही ग्रामीण प्रिंस, राहुल, सूरज, नितिन, कौशल, राजीव, देवेंद्र सिंह ने मिलकर मगरमच्छ को बामुश्किल खदेड़ा। इसके बाद मगरमच्छ वापस तालाब में जा घुसा।
डेढ़ माह पहले भी आबादी में आ गया था मगरमच्छ
ग्रामीणों ने कहा कि डेढ़ महीने पूर्व भी जसराम सिंह के घर में मगरमच्छ घुस गया था। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन तालाब से निकलकर मगरमच्छ आबादी में घुस जाता है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। छोटे बच्चों की जान को ज्यादा खतरा है। कई बार सामाजिक वानिकी विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भी मगरमच्छ को नहीं पकड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पकड़वाने की मांग की है।