मांझे से प्रणव की गर्दन पर काफी गहरा घाव हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। विद्यार्थी की गर्दन पर कई टांके आए।
विद्यार्थी के परिजनों ने किसान नेताओं के साथ तहसील पहुंचकर एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह को उनके कार्यालय पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
परिजनों ने चीन निर्मित मांझे के प्रचलन पर रोक लगाने की मांग की। चीन निर्मित मजे से पिछले एक वर्ष में करीब 15 ,16 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बताया जाता है पतंग विक्रेता दुकानों पर चीन निर्मित मांझा नहीं रखते हैं।पहचान वाले लोगों को पतंग विक्रेता अपने घर और इधर-उधर से चीन निर्मित मांझा उपलब्ध कराते हैं।