फारुख और अमरीन का निकाह सात साल पहले हुआ था। करीब पांच साल पहले अमरीन की जिंदगी में पड़ोस के मेहरबान की एंट्री हुई। मेहरबान, फारुख का रिश्ते का भांजा है। फारुख टाटा मैजिक चलाता था। वह अकसर काम के सिलसिले में रात को बाहर रहता था। पति को उनके रिश्ते की भनक लगी तो दोनों में झगड़ा रहने लगा।
पुलिस के अनुसार इससे तंग आकर अमरीन ने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। अमरीन से मिले कुंडल बेचकर मेहरबान ने करीब छह दिन पहले 315 बोर का तमंचा खरीदा। इसके बाद अपने दोस्त उमर को भी साथ ले लिया।
दोनों 28 अप्रैल की शाम छह बजे फारुख को बाइक से असगरपुर के जंगल में ले गए। पहले तीनों ने शराब पी और अंधेरा होने पर मेहरबान की गोली मारकर हत्या कर दी। एएसपी सिटी संजीव बाजपेई ने बताया कि अमरीन ने ही फारुख की हत्या की साजिश रची थी। मेहरबान और उमर हत्या करने में शामिल रहे। दोनों को मंगलवार की शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। मेहरबान के पैर में गोली लगी है।
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प्रेमी को देती थी महंगे गिफ्ट
पुलिस के अनुसार अमरीन, मेहरबान को महंगे गिफ्ट देती रहती थी। उसने मेहरबान को सोने की एक अंगूठी भी गिफ्ट दी थी। मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए मेहरबान के हाथ से यह अंगूठी बरामद हुई है।