उमर इंटरनेशनल मीट फैक्टरी के मालिक हाजी अतीक अहमद के खिलाफ ग्राम प्रधान ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए मीट प्लांट में चार दिन पहले ही बुलडोजर चलाया गया था।
स्योहारा स्थित उमर इंटरनेशनल मीट फैक्टरी के मालिक पर एक और केस दर्ज हो गया है। अब सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप में ग्राम प्रधान ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उक्त जमीन को चार दिन पहले ही बूचड़खाने में बुलडोजर चलाकर मुक्त किया गया था। कुछ दिन पहले भी धोखधाड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
सहसपुर देहात के ग्राम प्रधान मोहम्मद आदिल की तहरीर पर पुलिस ने बूचड़खाना प्लांट के स्वामी हाजी अतीक अहमद के खिलाफ सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। सोमवार को याकूबपुर सहसपुर स्थित उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट पर डीएम के आदेश पर एसडीएम स्मृति मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने तीन जेसीबी मशीनों से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया था।
इस दौरान सरकारी रास्ते और नाले की भूमि पर अवैध कब्जे को हटाकर लगभग 38 मीटर तक क्षेत्र को खाली कराया गया। मीट प्लांट स्वामी ने खसरा संख्या 3 (सरकारी रास्ता) और खसरा संख्या 53 (नाला) की भूमि पर अवैध रूप से चाहरदीवारी और गेट लगाकर अंदर तक कब्जा कर रखा था।
सील खुलते ही विवादों में आ गया बूचड़खाना
सहसपुर निवासी मीट कारोबारी हाजी अतीक अहमद ने 2013 में याकूबपुर गांव में उमर इंटरनेशनल मीट फैक्टरी स्थापित की थी। 2018 में एसडीएम धामपुर के नेतृत्व में हुई जांच में पशुओं के खून के निस्तारण की उचित व्यवस्था न होने, जल प्रदूषण और अग्निशमन मानकों के उल्लंघन समेत कई खामियां मिलने पर फैक्ट्री को सील कर दिया गया था। करीब आठ साल बाद 20 जनवरी को उच्च न्यायालय के आदेश पर सील खोली गई।
इसके बाद दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। आरोप है कि फैक्टरी मालिक ने नगर पंचायत सहसपुर की चेयरपर्सन, 15 सभासदों और दो ग्राम प्रधानों के नाम से फर्जी एनओसी तैयार कराई थी। जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद पुलिस ने हाजी अतीक अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
ये बोले सीओ
मीट प्लांट स्वामी ने सरकारी रास्ते व नाली की भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमण किया हुआ था, जिसे चार दिन पूर्व हटा दिया गया है। ग्राम प्रधान की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। - अभय कुमार पाण्डेय, सीओ धामपुर