लेखाकार अवधेश कुमार (ऊपर) और मोनू। दोनों को ले जाती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की टीम ने बुधवार को विद्युत वितरण खंड चांदपुर के कार्यालय में 15 हजार की रिश्वत लेते लेखाकार और आउटसोर्स कर्मचारी को रंगेहाथ पकड़ लिया। विभागीय लिपिक से ही बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। उसकी शिकायत पर मामले में कार्रवाई की गई। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की टीम के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण अवतार ने बताया कि चांदपुर के मोहल्ला काजीजादगान निवासी शिवम विद्युत विभाग में बाबू है। उसने शिकायत की थी कि उससे बिजली विभाग में 43 हजार 870 रुपये के बिलों की टीआई (टेंपरेरी इम्प्रेस्ट शीट) अस्थायी पेशगी को बंद करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुरादाबाद की टीम ने बुधवार को कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि टीम ने दोपहर करीब 3:05 बजे अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड चांदपुर के कार्यालय के कमरा नंबर-5 में लेखाकार की सीट के पास कार्रवाई करते हुए अवधेश कुमार लेखाकार और मोनू कुमार आउटसोर्स कर्मचारी को 15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। रिश्वत की रकम मोनू कुमार द्वारा ली जा रही थी। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार ने बताया कि शिवम विभाग में ही लिपिक है। वह मीटिंग में थे। लेखाकर अवधेश कुमार व बाबू शिवम के बीच में क्या बात चल रही थी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इस संबंध में जानकारी की जाएगी।
क्या होती है टीआई
बिजली विभाग में बिजली अधिकारियों और बाबुओं को विभागीय मद से छोटे मोटे काम कराने के लिए एडवांस पैसा लेने की व्यवस्था होती है। इसे ही विभाग में टीआई (टेंपरेरी इम्प्रेस्ट शीट) अस्थायी पेशगी भी कहा जाता है। चांदपुर में भी लिपिक शिवम विभाग में स्टेशनरी आदि कार्यों के लिए टीआई पास करा रहा था। इसे पास कराने के नाम पर ही यह रिश्वत मांगी जा रही थी।
ये भी देखें...
यू
पी: बिजलीकर्मियों को 13 सेकेंड में मारे 45 थप्पड़ और घूंसे; बिजनौर के वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी