मालन का इतिहास बचाने को ‘भविष्य’ ने उठाया फावड़ा
बिजनौर। पूर्णिमा के अवसर पर मालन को उसकी पौराणिक स्थिति वापस दिलाने के लिए भविष्य कहे जाने वाले छात्रों ने फावड़ा चलाया। मंगलवार को मालन नदी पर विवेक कॉलेज के स्टाफ, छात्रों के साथ पहुंचा। विवेक कॉलेज के चेयरमैन अमित गोयल ने भारत माता के जयघोष के बीच श्रमदान के लिए फावड़ा चलाया। कॉलेज के शिक्षकों एवं छात्रों ने मालन नदी को उसके पुराने स्वरूप में लाने तथा मालन की अविरल धारा बनाने के लिए खोदाई की। छात्रों ने फावड़े से खोदाई कर तसलों से मिट्टी को तटबंध पर रखा।
मंगलवार को विवेक कॉलेज के स्टाफ व छात्रों ने यह कदम अमर उजाला के ‘मालन मांगे अविरल धारा’ अभियान से प्रेरित होकर उठाया। सभी का कहना है कि अमर उजाला की यह अच्छी मुहिम है। इसमें सभी वर्गों को आगे आकर मालन नदी की अविरल धारा बनाने को अपना योगदान देना चाहिए। विवेक कॉलेज महाविद्यालय के चेयरमैन अमित गोयल ने कहा कि मालन नदी प्राचीन इतिहास को समेटे हुए है। समय सेे साथ मालन की धारा तंग होती चली गई, लेकिन मालन नदी की धारा को पुराना स्वरूप देने को फिर मुहिम छिड़ी है। यह सराहनीय है और यह मुहिम अब आगे बढ़कर मालन नदी को अविरल धारा बनाने में सफल हो। मालन नदी को पुराने स्वरूप में पहुंचाने को सराहनीय कदम उठाया जा रहा है। इस काम में हम सभी को आगे आना चाहिए। कहा कि उनका कॉलेज ऐसे सामाजिक कार्यों में हमेशा साथ है।
मालन किनारे बसती थी सभ्यता
मालन नदी के किनारे पुराने समय में सभ्यता बसती थी, लेकिन धीरे-धीरे मालन नदी की धारा अतिक्रमण के कारण संकरी होती चली गई। हालात यह है कि काफी बड़े क्षेत्र में बहने वाली मालन एक संकरी होकर रह गई। मालन के धारा को गंदे नाले के पानी डालकर दूषित किया गया, तो काफी जगह अतिक्रमण कर क्षेत्रफल पर अवैध कब्जा कर लिया गया। इस कारण अपना पुराना स्वरूप खोती चली गई। अब जन सहयोग से मालन को फिर से उसके पुराने स्वरूप में लाए जाने का सराहनीय प्र्रयास किया जा रहा है। श्रमदान में विवेक कालेज के स्टाफ डॉ. हितेष शर्मा, विशाल कुमार, संदीप कुमार एवं सैकड़ों छात्र शामिल रहे।