‘अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों’
नहटौर (बिजनौर)। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के बैनर तले पिछड़ा वर्ग सम्मान अधिकार रैली में कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया गया। केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को परेशानी के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। इनसे छुटकारा पाने के लिए एक होना होगा। देश में एक समान शिक्षा की मांग की गई।
रविवार नहटौर कोतवाली मार्ग पर मैदान में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के बैनर तले न्याय पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, जन अधिकार पार्टी, सर्वजन लोकजन शक्ति, भगीरथ सेना आदि संगठनों की संयुक्त पिछड़ा वर्ग सम्मान अधिकार रैली आयोजित की गई। रैली में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के सुप्रीमो राजकुमार सैनी ने कहा कि अति पिछड़ों को एकजुट होकर अपनी ताकत का एहसास कराना होगा। इसके लिए संविधान को सही तरीके से लागू करने के लिए अपने समाज के लोगों को संसद में भेजना होगा ताकि वह हमारे अधिकारों का प्रतिनिधित्व कर सकें। उन्होंने कहा कि यूपी में ओबीसी और दलितों की संख्या सबसे अधिक है। उसके बावजूद सरकार और सरकारी संस्थानों में इनका प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है। आज किसान अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरा है और सरकार इन पर लाठियां बरसा रही है।
जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि आजादी के बाद पिछड़े वर्ग का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ हैं। अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर अपने समाज के लोगों को संसद तक पहुंचाएं। न्याय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसपी सिंह ने कहा कि आजादी के बाद भी पिछड़े वर्ग के लोग अपने अधिकारों से वंचित हैं। अपने अधिकारों को पाने के लिए गुलामी का रास्ता छोड़ना होगा।
इस मौके पर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल सैनी, महासचिव नवीन सैनी, जिला अध्यक्ष ब्रिजेश सैनी, नजाकत अली कंभौर,सतेनदर सैनी, राजबाला सैनी, ओमपाल कश्यप, सोनू सिंह, ऋतुराज आदि मौजूद थे।
पंचायत चुनाव का बिगुल बजाया
नहटौर। पिछड़ा वर्ग सम्मान अधिकार रैली में पंचायत चुनाव का बिगुल भी बजा दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत चुनाव में ही अपनी ताकत का एहसास कराएं। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का परचम लहराएगा।
नहटौर में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़ी भीड़।- फोटो : BIJNOR
नहटौर में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्य अतिथि का स्वागत करते कार्यकर?- फोटो : BIJNOR