संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की बिजनौर इकाई ने जिले में बिना आवश्यक डिग्री, प्रशिक्षण और वैधानिक अधिकारों के चिकित्सा कार्य कर रहे लोगों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। आईएमए ने अपने सदस्यों को एक पत्र जारी कर अवैध चिकित्सा पद्धतियों, विशेष रूप से बिना योग्यता के एनेस्थीसिया और सर्जरी करने के खिलाफ चेतावनी दी है।
आईएमए की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि संज्ञान में आई शिकायतों के अनुसार, जिले में कुछ ऐसे व्यक्ति चिकित्सा कार्य कर रहे हैं जिनके पास आवश्यक योग्यताएं नहीं हैं। इनमें मुख्य रूप से बिना उचित प्रशिक्षण या अनुमति के तकनीशियनों और बीएएमएस और आयुष डॉक्टरों द्वारा एनेस्थीसिया का प्रयोग शामिल है।
इसके अतिरिक्त, ऐसे व्यक्तियों द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन, लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी और अन्य बड़े ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जो एमबीबीएस या एमएस या डीएनबी जैसी सर्जिकल योग्यता नहीं रखते।
आईएमए ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियां न केवल रोगी की सुरक्षा के लिए अत्यंत हानिकारक हैं, बल्कि ये चिकित्सा नैतिकता और मानकों का भी उल्लंघन करती हैं। आईएमए बिजनौर ने ऐसे अवैध, असुरक्षित और गैर-व्यावसायिक चिकित्सा कार्यों की कड़ी निंदा की है।