नगीना में जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर पुरैनी में चल रहा किसानों का धरना समाप्त हुआ। जिलाधिकारी के आदेश पर नयाब तहसीलदार धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक फोरलैन हाइवे का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा ।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार नगीना पुरैनी धरना स्थल पर तीन बजे पहुंचे । यहां उन्होंने समस्या का समाधान न होने तक फोरलैन हाइवे पर कार्य न होने का आश्वासन दिया, इसके बाद धरना समाप्त हो गया।
इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष चौधरी वीर सिंह डवास, कोतवाली ब्लॉकाध्यक्ष चौधरी समरपाल सिंह, बढ़ापुर ब्लॉकाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, कोतवाली ब्लॉक उपाध्यक्ष चौधरी बलजीत सिंह, नितिन सिरोही, लोकेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, रोहित कुमार, राम सिंह, आशाराम, निर्मला देवी, ओमवती, सतीश कुमार, भूदेव सिंह, अनुज कुमार, परवेंद्र, शिखा, पूर्व प्रधान महेश राजपूत, विनोद कुमार एडवोकेट व भारी संख्या में किसान यूनियन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
12 अगस्त तक मांगा पूरा भुगतान
बिजनौर में गन्ना भुगतान के लिए आजाद किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की चीनी मिल अधिकारियों के साथ हुई बैठक भी बेनतीजा रही। मिल अधिकारियों ने अगले पेराई सत्र तक ही गन्ना भुगतान कराने की बात कही। दोनों किसान संगठनों ने अब साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है।
शनिवार को एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ की अध्यक्षता में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों और मिल अधिकारियों की कलक्ट्रेट में बैठक हुई। किसानों ने गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाया। लेकिन मिल अधिकारियों ने कहा कि चीनी शासन द्वारा निर्धारित कोटे के अनुसार बेची जा रही है। इस हिसाब से ही भुगतान किया जाएगा। मिल अधिकारियों ने कहा कि भुगतान अगले पेराई सत्र तक किया जा सकता है।
इस पर आजाद किसान यूनियन के राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को धोखा दिया जा रहा है। प्रशासन को ब्याज सहित गन्ना भुगतान दिलाना चाहिए। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा ने कहा कि चीनी मिल मालिक शासन के आदेश का सहारा लेकर मनमर्जी पर उतर आए हैं। करीब दो घंटे तक मिल अधिकारियों और किसानों के बीच हुई बैठक में गन्ना भुगतान को लेकर कोई सहमति नहीं बनी।
राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि बैठक में चांदपुर और बिजनौर चीनी मिल को चलवाने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। बाद में दोनों संगठनों ने गन्ना समिति में बैठक की और 13 अगस्त को जिले में संयुक्त आंदोलन करने का निर्णय लिया। कैलाश लांबा ने बताया कि अगर 13 अगस्त तक किसानों का समस्त गन्ना भुगतान न किया गया और चांदपुर व बिजनौर चीनी मिल की मरम्मत का काम शुरू न हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा। बैठक में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, मलखान सिंह, भीम सिंह, हरगुलाल सिंह, वेदप्रकाश सिंह, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।