बिजनौर। सर्दियों में बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों की परेशानी बढ़ी हुई है। बीते सप्ताह दिन में धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। मगर, अब बारिश होने के बाद फिर से अस्थमा रोगियों की सांस उखड़ने लगी है। मेडिकल कॉलेज में सांस लेने में दिक्कत होने के रोजाना 30 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर अस्थमा और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि सर्दी और बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे श्वासनली सिकुड़ने लगती है। यही वजह है कि अस्थमा रोगियों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न, खांसी और घरघराहट जैसी समस्याएं बढ़ रही है।
बुजुर्गों में यह परेशानी और भी गंभीर रूप ले रही है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर होती है। इन दिनों सांस लेने में परेशानी को लेकर रोजाना 30 तक मरीज ओपीडी और इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं। अस्थमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, गर्म कपड़े पहनें और नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करें। बारिश के बाद नमी बढ़ने पर घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क या स्कार्फ का प्रयोग करें।