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संक्रमण कम होते ही भूल गए मूल मंत्र

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बिजनौर मुख्य बाजार में बिना मास्क के घूमते लोग। - फोटो : BIJNOR
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संक्रमण कम होते ही भूल गए मूल मंत्र
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बिजनौर। कोरोना संक्रमण अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन सरकार के जागरूकता प्रयास के बीच लोगों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। वास्तविकता ये है कि प्रशासन भी लोगों को उनके हाल पर ही छोड़ता नजर आ रहा है। इसकी वजह से दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का नियम तार-तार हो रहा है। आलम ये है कि सरकारी कार्यालयों से लेकर बैंक, एटीएम एवं बाजारों तक में फिर से 70 फीसदी से अधिक लोग बिना मास्क पहने ही देखे जा रहे हैं। जो लोग मास्क लगाए भी रहते हैं, तो वे गले एवं ठोढ़ी में मास्क लगाए रहते हैं।
एक ओर जहां वैज्ञानिक कोरोना संक्रमण के डेल्टा प्लस की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ लोगों की इस लापरवाही से संक्रमण को बढ़ने में बल मिलेगा। ये बात सभी जानते हैं कि जिले में कोरोना संक्रमण की वजह से पहली से भी अधिक खतरनाक दूसरी लहर रही। शासन के निर्देशों पर शनिवार के कर्फ्यू में 14 अगस्त से तो रविवार के कर्फ्यू में 22 अगस्त से राहत दी गई है। लोग सरकार की छूट का गलत फायदा उठा रहे हैं। ये अपने साथ-साथ दूसरों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। आलम ये है कि लोग न तो दो गज की दूरी का पालन कर रहे हैं और न ही चेहरे पर मास्क नजर आ रहा था। सड़कों से लेकर चौराहों और बाजारों तक में अधिकतर ग्राहकों के साथ दुकानदार भी इसका पालन नहीं कर रहे। सबसे बुरे हालत सब्जी मंडी और किराना दुकानों का है।
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वर्जन
शासन-प्रशासन लोगों को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने के प्रति जागरूक कर रहा है। फिर भी लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मास्क नहीं लगाने पर 500 रुपये का जुर्माना है। सख्ती करने पर लोग गरीबी का बहाना करने लगते हैं। यदि लोग इन नियमों का पालन करने में लापरवाही बरतेंगे तो फिर से सख्ती बरती जाएगी।
-डा. धर्मवीर सिंह, एसपी बिजनौर
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