कामगारों के बच्चों की पढ़ाई का होगा इंतजाम
बिजनौर। शासन कोरोना महामारी में गैर राज्यों से आए कामगारों के बच्चों की पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था करेगा। इसके लिए हर विद्यालय से ऐसे बच्चों की छह बिंदु रिपोर्ट मांगी गई है। डीआईओएस दफ्तर ने सूचना इकट्ठा करने की कवायद शुरू कर दी है।
कोरोना महामारी के पहले चरण में जिले के मूल निवासी करीब 17000 कामगार दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, आदि राज्य से परिवार सहित अपने घर आ गए थे। कामगारों के बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। कामगारों ने बच्चों को स्कूलों में दाखिले तो करा दिए थे लेकिन आर्थिक तंगी के चलते खर्च नहीं उठा पा रहे थे। अब शासन इंटर कालेज में पढ़ने वाले माइग्रेटिड कामगारों के बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्य कांत शुक्ल ने डीआईओएस दफ्तर को इस बारे में पत्र भेजा है। विद्यालयों से छह बिंदुओं पर बच्चों के बारे में विभिन्न पदों जानकारी मांगी गई है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि संबंधित ब्लाकों के बीडीओ नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। विद्यालयों को अपने क्षेत्र के बच्चों की अपडेट सूचना निश्चित प्रारूप पर बीडीओ वह सीधे डीआईओएस को देनी है। विद्यालयों को शासन के निर्देश भेज दिए हैं।