स्कूलों में भ्रमण कर एआरपी करेंगे अकादमिक सहयोग
बिजनौर। जिले में चयनित अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) अब स्कूलों के भ्रमण के दौरान स्कूलों की कायाकल्प व शैक्षणिक सुधार के लिए अकादमिक सहयोग करेंगे। प्रत्येक एआरपी को प्रत्येक दिन दो दो स्कूलों का भ्रमण करना होगा। स्कूलों में क्या क्या गतिविधि की गई, इसकी जानकारी ऑनलाइन देनी होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान में शिक्षा का स्तर उठाने के लिए अकादमिक रिसोर्स पर्सन का चयन किया गया है। प्रत्येक विकास क्षेत्र में पांच-पांच एआरपी रखे गए हैं। सभी एआरपी को एक-एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया गया था। एआरपी के प्रशिक्षण पूरा होने के उपरांत अब स्कूलों में भ्रमण का कार्य शुरू हो गया है। प्रत्येक एआरपी को एक दिन में कम से कम दो स्कूलों का भ्रमण कर शासन को ऑनलाइन जानकारी देनी होगी। स्कूल के प्रथम सत्र में एआरपी को स्कूल संचालन से 15 मिनट पूर्व पहुंचना होगा। स्कूल में पहुंच कर शिक्षकों को अकादमिक सहयोग करना होगा। संबंधित विषय की पाठ योजना से लेकर स्कूलों में बच्चों को कराए जा रहे शिक्षण कार्यों के बारे में जानकारी हासिल करनी होगी। साथ ही विषय को रुचिकर बनाने के लिए शिक्षकों को बताया जाएगा। साथ ही स्कूलों में चल रहे मिशन कायाकल्प के बारे में भी अवगत कराया जाएगा। एआरपी संजीव शर्मा व यतीश कुमार के मुताबिक स्कूलों में अकादमिक सहयोग से शिक्षण कार्यों को रुचिकर बनाया जा सकेगा। दूसरी ओर, जिला समन्वयक प्रशिक्षण धनपाल सिंह ने बताया कि जिले में चयनित किए गए एआरपी का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा हो गया है तथा अब यह एआरपी स्कूलों में पहुंच कर अकादमिक सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि एआरपी स्कूलों में पहुंच कर ऑनलाइन विभाग को स्कूलों में हो रहे शिक्षण कार्यों की जानकारी देंगे।