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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: 'डर की बेड़ियां तोड़ बेहिचक आगे बढ़ें बेटियां'

Tue, 15 Oct 2019 12:45 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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अपराजिता कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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बेटियों को तरक्की करनी है, यह ठान लेना चाहिए। किसी तरह की घबराहट मन में नहीं होनी चाहिए। यदि कोई शरारती तत्व परेशान करे, तो कतई डरने की जरूरत नहीं, बल्कि साहस से आरोपी का सामना करें। पुलिस की मदद लें और आरोपी को सबक सिखाएं। बेटियों को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता है, लेकिन बेटियों को खुद भी आत्मरक्षार्थ मजबूत होना चाहिए। 

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बिजनौर जनपद के धामपुर में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत प्रियंका सीनियर माडर्न सेकेंडरी स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने कहा कि छात्राएं मेहनत के साथ पढ़ाई करें। सरकार ने बेटियों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की हैं। जागरूकता के साथ इन योजनाओं का लाभ लिया जाए।  
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरविंद मोहन शर्मा ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए 100 डायल, 1090 महिला हेल्पलाइन सेवा है। स्कूल आवागमन में यदि कहीं पर कोई परेशानी है या कोई उन्हें जानबूझकर परेशान कर उनकी पढ़ाई में बाधक बनता है, तो वह इन दोनों नंबरों पर कॉल करके सेवा ले सकती है। इन नंबरों पर कॉल करने के 10 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंच जाएगी। इसके अलावा कोतवाल, सीओ और  पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी उनके फोन नंबरों पर कॉल करके मदद ली जा सकती है। तीन सवारियों को दुपहिया वाहनों पर कदापि न बैठाएं।
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अपराजिता कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
कोतवाल ने बताया कि सरकार की ओर से छात्राओं की सुरक्षा के लिए कई बड़े प्रयास किए। यदि कोई युवक किसी छात्रा की ओर से मुंह कर उसे गुर्राने का भी प्रयास करेगा, तो भी वह शिकायत मिलने पर जेल जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य डीएस नेगी ने कार्यक्रम की सराहना की। कहा कि पुलिस और मीडिया के तालमेल के माध्यम से समाज सुरक्षित है। कार्यक्रम में एसके देवरा, सीता चौहान, पल्लवी चौहान रही। 

- ऐसे कार्यक्रम होने से महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा होती है। छात्राओं को अब किसी से डरने और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।  - रीता राणा, शिक्षिका 

- मीडिया की जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाने से बड़ा लाभ मिला है। महत्वपूर्ण जानकारियां इस प्लेटफार्म के माध्यम से मिलती है, जो बहुत उपयोगी हैं। - रीता सिंह, शिक्षिका 

- ऐसे कार्यक्रम एक ही नहीं अन्य विद्यालयों में भी आयोजित होते रहने चाहिए। इससे बालिकाओं में साहस बढ़ता है और कानून की जानकारी होती है। - किरन शर्मा, शिक्षिका 

- छात्राओं को नारी गरिमा के बारे में जानकारी दी गई, अपनी प्रतिभा  का प्रदर्शन कर देश में नाम कमाने को प्रेरित किया। यह अच्छा प्रयास है। - सोनिया  रस्तोगी, शिक्षिका 

- अमर उजाला  की ओर से आयोजित हुए इस कार्यक्रम ने तो उनमें नई ऊर्जा पैैदा कर दी है। अब वह बेखौफ होकर घर से बाहर निकल कर पढ़ाई कर नाम रोशन करने का प्रयास करेंगी। - तरूषी, छात्रा 

- अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला ही नहीं समय समय पर और भी कई ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है जो अविस्मरणीय है। - रिया बिश्नोई , छात्रा 

- आगे बढ़ने को हम सभी को एक दूसरे को प्रेरित करना होगा। तभी पुलिस की  पाठशाला के  आयोजन  का उददेश्य सार्थक होगा नहीं तो इसका कोई मतलब नहीं निकलेगा - कनिका चौहान, छात्रा

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