बिजनौर। शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और रुपये ऐंठने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी।
नजीबाबाद थाने में पीड़िता की मां की ओर से शावेज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया कि शावेज ने शादी का झांसा देकर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इसी के साथ ही आरोपी ने पीड़िता का मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर भी बीस लाख रुपये ले लिए। अदालत में बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी।
अभियोजन ने आरोपों को गंभीर प्रकृति का बताते हुए जमानत का विरोध किया। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) कमल दीप ने केस डायरी और पीड़िता के बयानों का अवलोकन किया। पीड़िता ने आरोपी पर करीब पांच साल पहले दुष्कर्म करने, शादी का झांसा देने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और रुपये लेने के आरोप लगाए।