स्वाहेड़ी में बनेगा एक और बड़ा बिजलीघर
अजीत चौधरी
बिजनौर। जिले को एक और बड़े बिजलीघर का तोहफा मिलने वाला है। स्वाहेड़ी में 132 केवीए का एक और बिजलीघर बनाया जाएगा। इस बिजलीघर से सात से आठ बिजलीघरों को बिजली आपूर्ति की जा सकती है। नए बिजलीघर से आधे जिले को ओवर लोडिंग से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
जिले में आठ बिजलीघरों से छोटे बिजलीघरों को बिजली आपूर्ति होती है। इन बिजलीघरों पर ढाई लाख से अधिक कनेक्शन हैं। सर्दियों में तो सब कुछ ठीक रहता है लेकिन गर्मियों में बिजली की मांग डेढ़ गुना तक हो जाती है। कई बिजलीघर ओवरलोड हो जाते हैं। सरकार द्वारा नए बिजलीघर भी बनाए जा रहे हैं लेकिन फायदा तब है जब उन्हें भी किसी नए बिजलीघर से बिजली मिले। विद्युत निगम द्वारा साल 2017 में गांव स्वाहेड़ी में 400 केवीए का बिजलीघर बनाया गया था। इस बिजलीघर के बनने से जनता को बहुत फायदा मिला। इसके बनने से पहले जिला मुख्यालय पर भी कम से कम आठ घंटे की बिजली कटौती, ट्रिपिंग आदि होती थी। अब लगभग पूरी जिले को 20 से 22 घंटे बिजली मिल रहती है। नया बिजलीघर बनने से ओवरलोडिंग की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।
132 केवीए के बिजलीघर से कम से कम आठ छोटे बिजलीघरों को बिजली आपूर्ति की जा सकती है। एक छोटे बिजलीघर से तीन से चार हजार कनेक्शन जुड़े होते हैं। यानी 132 केवीए का एक बिजलीघर 28 से 30 हजार घरों को रोशन कर सकता है। इसके बनने से पहले ही चल रहे कनेक्शन की ओवरलोडिंग खत्म हो जाएगी।
जिले की तरक्की में गांव स्वाहेड़ी का सबसे महत्वपूर्ण रोल बन गया है। सबसे पहले यहां 400 केवीए का बिजलीघर बना था। मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास भी यहीं किया गया है। लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र भी स्वाहेड़ी में ही बना है। अब नया बिजलीघर भी यहीं बनेगा। केंद्रीय विद्यालय के लिए भी जमीन गांव स्वाहेड़ी में ही दी जा रही है। यहां पर करीब सरकारी जमीन का रकबा सबसे ज्यादा है। (संवाद)
ओवरलोडिंग की समस्या होगी कम
एक्सईएन ट्रांसमिशन अकील अहमद के अनुसार स्वाहेड़ी में 132 केवीए बिजलीघर का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बिजलीघर से छोटे बिजलीघरों को आपूर्ति की जाएगी। इससे ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी।