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अनकारी अड़े, अफसर झुके

Wed, 24 Aug 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो
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कलक्ट्रेट में आपस में वार्ता करते वासु के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में अगवा वासु के परिजनों और बिरादरी के लोगों को क्रमिक अनशन व धरने से जबरन उठाने के लिए सोमवार की रात प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ कलक्ट्रेट आ धमका। आंदोलनकारियों को कलक्ट्रेट से उठाने की कोशिश की गई। कुछ लोगों के विरोध के चलते अफसरों को बैकफुट पर जाना पड़ा। इस दौरान रात में कलक्ट्रेट में काफी हंगामा होता रहा। आंदालनकारियों की सुरक्षा के लिए भी बिरादरी के लोग जमा रहे। 
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अगवा वासु की बरामदगी को लेकर वासु के परिजनों ने कलक्ट्रेट में क्रमिक अनशन शुरू कर रखा है। उनके साथ बड़ी तादाद में बिरादरी के लोग भी धरने पर बैठे हैं। वासु के बरामद नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार की रात करीब साढे़ नौ बजे एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्र , एसपी देहात डॉ. धर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे तथा वासु के परिजनों को क्रमिक अनशन व बिरादरी के लोगों को धरने से उठाने की कोशिश की। इ

स बात पर कलक्ट्रेट में हंगामा खड़ा हो गया। आंदोलनकारी विरोध पर उतर आए। आंदोलनकारियों के मोबाइल घनघनाने लगे। थोड़ी देर में ही बिरादरी के लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। सभी लोग प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में उतर आए। अफसरों ने आंदोलनकारियों से कहा कि वासु के मामले में पुलिस लगी है। आंदोलन चलने से पुलिस का काम प्रभावित हो रहा है। धरना देने व अनशन से कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। 
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धरने व अनशन से उठने में ही उनकी भलाई है। इसके बाद भी आंदोलनकारी नहीं माने और धरने व अनशन पर जमे रहे। इस दौरान काफी हंगामा मचा रहा। विरोध बढ़ता देख अफसर व पुलिस बैकफुट पर आ गए और वहां से खिसक लिए आैर खामोश ही रहे। इस बीच, डीएम बी चंद्रकला पहली बार वासु के परिजनों से मिली व उनसे खुलकर बात की।

डीएम ने वासु के परिजनों के साथ भुईयार बिरादरी के कई लोगों को अपने कार्यालय में बुलाया। उनसे कहा कि वासु के मामले में वह गंभीर हैं। प्रशासन पूरी ताकत के साथ लगा है। एसटीएफ की टीम भी वासु को बरामद करने में लगाई गई है। वासु को सकुशल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही वासु को बरामद किया जाएगा। करीब पौन घंटे तक डीएम के साथ इन लोगों की वार्ता हुई। वार्ता के बाद सभी लोग फिर से धरने व अनशन पर आ बैठे। 
आंदोलनकारी कई दिनों से इस बात से खफा थे कि एक बार भी डीएम उनसे आकर नहीं मिली और न ही कोई आश्वासन दिया। भुईयार समाज की नेत्री कमलेश भुइयार पर प्रशासन ने पूरी तरह डोरे डाल दिए और उन्हें आंदोलन समाप्त करने के लिए भी मना लिया। कमलेश भुईयार ने आंदोलनकारियों पर खूब दबाव डाला, पर किसी ने उनकी बात नहीं मानी। कमलेश भुइयार से डीएम समेत अन्य अफसरों ने कार्यालय में बुला कर  अलग से बात की और उन्हें आंदोलन खत्म करने के लिए मना लिया। कमलेश भुईयार भी अफसरों को आंदोलन खत्म कराने का भरोसा दे आई।
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