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प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र

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प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
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बिजनौर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों का ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत कायाकल्प किया जाएगा। केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए डीएम रमाकांत पांडेय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए हैं।
जिले में तीन हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। केंद्रों पर ढाई लाख से अधिक बच्चे आते हैं। केंद्रों का उद्देश्य मुख्य रूप से बच्चों को कुपोषण से दूर रखना है। इसके लिए केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार के साथ-साथ मिड डे मील भी दिया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं से कुपोषण को भगाने, अन्य योजनाओं के बारे में बताने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी होते हैं। लेकिन अब शासन की मंशा आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित करने की है।
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केंद्रों के प्ले स्कूल की तरह विकसित होने पर बच्चे वहां ज्यादा आएंगे। बच्चों को केंद्रों पर अक्षर ज्ञान कराया जाएगा, अन्य क्रिया कलापों पर भी ध्यान दिया जाएगा। शासन ने पहले ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेबी टॉयलेट बनाने के निर्देश दिए थे। अब केंद्रों पर सुविधाओं को और बढ़ाया जाएगा। सभी केंद्रों पर विद्युत कनेक्शन अनिवार्य रूप से लिया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव ने डीएम के जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश देने की पुष्टि की है।
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ये भी होंगे काम
केंद्रों पर पंखे, एलईडी बल्ब लगेंगे, फर्श बनाकर टाइल्स लगाई जाएंगी। केंद्रों पर वॉलपेंटिंग कराई जाएगी। फल, जानवर, सब्जी आदि के चित्र बनाकर उनके नाम हिंदी, अंग्रेजी में लिखे जाएंगे। मैत्रिक शौचालय बनेंगे, पीने को साफ पानी की व्यवस्था रहेगी। बच्चों के लिए 20-20 बेबी चेयर दी जाएंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के लिए मेज, कुर्सी और अलमारी की व्यवस्था भी की जाएगी। जिले में गांवों में 483, शहरों में 2753 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों में बच्चों को मिड डे मील देने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को दी गई है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदलने का काम भी ग्राम प्रधानों की देखरेख में होगा।
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