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बारिश से अमृत सरोवरों में भरा पानी

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बिजनौर के ग्राम भोगपुर के अमृत सरोबर में भरा पानी। - फोटो : BIJNOR
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बारिश से अमृत सरोवरों में भरा पानी
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बिजनौर। मानसून की पहली बारिश ने जल वैज्ञानिकों के चेहरे पर खुशी ला दी है। जल संचयन के लिए बने अमृत सरोवरों में पानी भर गया है। इससे भूगर्भ जल स्तर बढ़ेगा। साथ ही डार्क जोन में चल रहे जिले के एक मात्र ब्लाक के जल्द ही सामान्य श्रेणी में आने की आस बढ़ गई है।
जिले में बृहस्पतिवार रात से बारिश हो रही है। जिससे मौसम सुहावना हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जल संचयन की महत्वाकांक्षी योजना अमृत सरोवरों के माध्यम से सफल होती दिख रही है। अमृत सरोवर मनरेगा से बन रहे हैं। सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी दिनेश कुमार के अनुसार जिले में तीन लोकसभा क्षेत्र बिजनौर, नगीना व मुरादाबाद आंशिक आते हैं। तीनों लोकसभा क्षेत्र में 120 अमृत सरोवर बनने हैं। अमृत सरोवर क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार तीन से चार फुट गहरे बने हैं। सभी अमृत सरोवर का निर्माण व सुंदरीकरण 15 अगस्त 2023 तक पूरा होना है। साथ ही बताया कि पहले चरण में 15 अगस्त 2022 तक 20 अमृत सरोवरों का काम पूरा होना है। सभी 20 अमृत सरोवरों की खोदाई का काम पूरा हो गया है। पहली बारिश से अमृत सरोवरों में पानी भर गया है।
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डार्क जोन से बाहर आने की आस जगी
जिले में 11 ब्लॉक हैं। इनमें जलीलपुर ब्लॉक में जल दोहन अधिक होने से भूगर्भ जलस्तर अधिक गिरा है। ब्लॉक का भूगर्भ जलस्तर सामान्य मानक से नीचे चला गया। जिसकी वजह से ब्लॉक डार्क जोन में आ गया। अमृत सरोवरों के निर्माण का प्रमुख उद्देश्य जल संचयन करके भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाना है। पहली बारिश में अमृत सरोवर के जल से भर जाने से भूगर्भ जल स्तर बढ़ेगा। इससे जलीलपुर ब्लॉक के जल्द ही डार्क जोन से बाहर आ जाने की आस जगी है। लघु सिंचाई विभाग के इंजीनियर नितिन कुमार बताते हैं कि मानसूनी बारिश उत्साहजनक है। अगर बारिश ऐसी ही रही तो सभी ब्लॉक जल्द ही सामान्य श्रेणी में होंगे। लघु सिंचाई विभाग द्वारा ब्लॉक वार गांवों में सिंचाई के लिए निशुल्क बोरिंग के लक्ष्य तय होते हैं। निशुल्क बोरिंग केवल सामान्य श्रेणी के ब्लॉक में होते हैं। डार्क जोन ब्लॉक में निशुल्क बोरिंग की सुविधा नहीं है।
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