नोटिस में जिलाधिकारी ने उत्तर ग्रुप की बरकातपुर चीनी मिल के अध्यासी से ग्रुप की अन्य मिलों लिब्बरहेडी हरिद्वार (उत्तराखंड) से 17.93 करोड़, मुजफ्फरनगर जिले की खाईखेड़ी से 14.62 करोड़, सहारनपुर जिले की शेरमऊ चीनी मिल से 11.07 करोड़ रुपये की सब्सिडी वापस मंगाने को कहा है। इसी तरह धामपुर चीनी मिल के अध्यासी से ग्रुप की अन्य चीनी मिलों मंसूरपुर मुजफ्फरनगर चीनी मिल से 40.51 करोड़ रुपये, असमौली से 3.53 करोड़ रुपये वापस मंगाने को कहा है। यह सब्सिडी की कुल रकम करीब 74 करोड़ रुपये वापस मंगाने को कहा है। साथ ही इसका भुगतान गन्ना मूल्य भुगतान करने को कहा गया है। टैगिंग आदेश के अनुसार चीनी बिक्री की प्राप्त रकम से प्राथमिकता के साथ किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाना चाहिए।
किसान आंदोलन का दिया हवाला
जिलाधिकारी ने दोनों मिलों को भुगतान के लिए किसानों के आंदोलन का हवाला दिया है और कहा है कि किसान आए दिन गन्ना भुगतान के लिए आंदोलन करते रहते हैं। इससे जिले की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। मिल अफसरों को तुरंत भुगतान के लिए कहा गया है।
जिसने बनाई रॉ शुगर, उसे ही मिले सब्सिडी
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार दोनों ग्रुप के अफसरों को डीएम कार्यालय से नोटिस जारी किए गए हैं। जिस मिल ने रॉ शुगर बनाई है उसे ही सब्सिडी दिलानी चाहिए थी। इस संबंध में डीएम कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है।
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