अफजलगढ़। गांव मोहम्मदपुर राजौरी स्थित एक अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गई। आक्रोशित महिला के परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला का शव अस्पताल के पास रखकर हंगामा किया। महिला की मौत के बाद डॉक्टर अस्पताल छोड़कर भाग निकला। बाद में दोनों पक्षों में बातचीत होने पर परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के ही शव अपने साथ ले गए।
गांव दुलीचंदपुर निवासी काजल (30) पत्नी संजीव को पहली बार प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने दो सितंबर को गांव मोहम्मदपुर राजौरी बस स्टैंड स्थित नवजीवन धारा अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां बृहस्पतिवार को डॉक्टर ने महिला का प्रसव कराया। महिला ने एक पुत्री को जन्म दिए, लेकिन उसके बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई। स्थिति बिगड़ते देख डॉक्टर ने परिजनों से उसे बाहर ले जाने के लिए कह दिए। परिजन तत्काल एंबुलेंस से महिला को गंभीर हालत में धामपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सक ने महिला को मृत घोषित कर दिए।
चिकित्सक का कहना था कि महिला की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को वापस मोहम्मदपुर राजौरी अस्पताल ले आए और अस्पताल के सामने हंगामा शुरू कर दिए। पता लगते ही डॉक्टर अपना अस्पताल छोड़कर वहां से भाग निकला। अस्पताल पर हंगामे की सूचना पर कोतवाल मृदुल कुमार, हलका दरोगा छविनाथ सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समझाने के बावजूद परिजन टस से मस नहीं हुए।
वे डॉक्टर को बुलवाने और कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बाद में महिला के मायके वालों के आने के बाद परिजनों ने शव का पंचनामा भरवाया। बताया जाता है कि बाद में डॉक्टर से बातचीत होने के बाद परिजन पुलिस में कोई कार्रवाई किए बिना ही शव को अपने साथ ले गए। इस संबंध में सीओ आलोक सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। ा