कोतवाली देहात में परिवार के साथ आले हसन। संवाद
कोतवाली देहात (बिजनौर)। जियारत करने गया मोहल्ला सादात का दंपती 52 भारतीयों के साथ पांच दिन ईरान में फंसा रहा। इस्राइल के हमले के कारण उनकी उड़ान रद्द हो गई थी। भारत सरकार ने उनके वहां सुरक्षित ठहराव, खाने-पीने और वापस भेजने की व्यवस्था की। अपने घर पहुंचकर दंपती ने आपबीती बताई।
आले नबी अपनी पत्नी निगहत अख्तर के साथ जियारत करने इराक और ईरान गए थे। वह पहले इराक में कर्बला पहुंचे। 12 दिन इराक में रहने के बाद ईरान के मसद एयरपोर्ट पर उतरे। यहां छह दिन रहने के बाद दोनों तेहरान से 100 किलोमीटर दूर कुम नाम के स्थान पर जियारत करने गए। 13 जून की रात नौ बजे उनकी तेहरान से दिल्ली के लिए फ्लाइट थी, लेकिन उसी दिन सुबह इस्राइल ने ईरान पर बमबारी शुरू कर दी।
इसके बाद उनकी उड़ान रद्द हो गई और वे ईरान में फंस गए। आले नबी बताते हैं कि जियारत में उनके साथ भारत के 52 लोग थे। भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया और स्थान बताया गया। तब भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें दिलासा दी। दो दिन उन्हें मसद में ही रोका गया। इस दौरान जियारत को गए लोगों का खर्च भी भारत सरकार ने उठाया और उन्हें सुरक्षित भारत लाया गया। दोनों 22 जून को अपने घर पहुंच गए। आले नबी और निगहत अख्तर ने भारत सरकार का आभार जताया है।