संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने समीक्षा बैठक में शीतलहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग, लोनिवि आदि संबंधित अफसरों को निर्देश दिए कि शेष तैयारियों को तत्काल पूर्ण करें। शीतलहर के बचाव के दृष्टिगत एडवाइजरी जारी की।
एडवाइजरी में कहा कि गन्ना, भूसा ढोने वाली गाड़ियों जैसे-ट्रॉली, ट्रक, बैलगाड़ी पर क्षमता से अधिक गन्ना न लादें। सर्दियों में गाड़ियों में फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। भार ढोने वाले वाहन के चालक इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पीछे से आ रही एम्बुलेंस को रास्ता दें।
दुपहिया वाहन चालक शीतलहर/ठंड में बाहर निकलते समय गर्म कपड़े, दस्ताने, चश्मा, हेलमेट पहनें। ठंड लगने के लक्षणों जैसे हांथ-पांव सुन हो जाना, हाथ पैरे की उंगलियों में सफेद या नीले रंग के दाग उभर आने पर नजदीकी अस्पताल से सम्पर्क करें।
हाइपोथर्मिया (शरीर के असामान्य तापमान) के लक्षण जैसे याद दास्त का कमजोर पड़ना, असीमित ठिठुरना, सुस्ती, थकान, तुतलाना, कार्य में भटकाव इत्यादि के लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। ठंड के मौसम में पशुओं को थनैला मिल्क फीवर नेमोटाइटिस आदि रोग होने का खतरा रहता है।
शीतलहर अंकुरण, विकास, फूल, उपज और भंडारण जीवन में विभिन्न प्रकार के शारीरिक व्यवधानों का भी कारण बनती है। ठंड प्रतिरोधी पौधों, फसलों किस्मों की खेती करें।