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डिग्री कॉलेजों में दाखिलों की प्रक्रिया बदली

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डिग्री कॉलेजों में दाखिलों की प्रक्रिया बदली
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बिजनौर। डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिलों की प्रक्रिया बदल गई है। इस बार विद्यार्थी विश्वविद्यालय नहीं सीधे कॉलेजों में ही अपना रजिस्ट्रेशन कराएंगे। कॉलेज स्तर पर ही मेरिट तैयार होगी और दाखिले होंगे। इसके बाद कॉलेज विश्वविद्यालय को छात्रों के दाखिलों की जानकारी देंगेे।
साहू जैन कॉलेज नजीबाबाद के कॉमर्स विभाग अध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता ने बताया कि शासन ने डिग्री कॉलेजों का शैक्षिक कलेंडर जारी कर दिया है। कॉलेजों को 20 अगस्त तक स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले लेने हैं। अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले की प्रक्रिया बदल गई है। अब तक छात्र पहले विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रेशन कराता था। उसके बाद जिन छात्रों ने विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रेशन करा लिया है, वह अपनी पसंद के किन्हीं पांच डिग्री कॉलेजों में से एक में दाखिला करा सकते थे। छात्र का मेरिट पर जिस कॉलेज में दाखिला हो जाता था, वह कॉलेज विश्वविद्यालय को छात्र का विवरण सूचित करता था। परंतु इस साल दाखिलों की प्रक्रिया अलग रहेगी। छात्र सीधे कॉलेज में दाखिले के लिए आवेदन करेंगे। कॉलेज में दाखिले के लिए मेरिट बनेगी। छात्र का दाखिला होने पर कॉलेज विश्वविद्यालय को जानकारी देगा।
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उन्होंने बताया कि इस साल कोरोना के कारण इंटरमीडिएट की परीक्षा नहीं हुई है। सभी बोर्ड ने अंक आवंटन के लिए फार्मूला तय किया है। माना जा रहा है कि सभी बोर्ड के छात्रों के खूब नंबर आएंगे। आईसीएसई के शनिवार को आए रिजल्ट से बंपर नंबर आने की झलक दिख भी रही है। इससे माना जा रहा है कि इस बार प्रवेश की मेरिट हाई होगी। जानकारी के अनुसार पिछले साल सामान्य श्रेणी में 80 प्रतिशत प्लस, एससी श्रेणी में 65 प्रतिशत प्लस और ओबीसी श्रेणी में 70 प्रतिशत प्लस रही थी।
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मेरिट को लेकर चिंता में हैं छात्र-छात्राएं
शनिवार को आईसीएसई 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित हो गया। जिले में 12वीं के अधिकांश छात्रों के नंबर 90 से 99 प्रतिशत के बीच आए हैं। हर्षित, रुपल, गौरव आदि विद्यार्थियों का कहना है कि सीबीएसई का रिजल्ट भी जल्द आने को है, इसमें भी छात्र-छात्राओं के खूब नंबर आते हैं, लेकिन यूपी बोर्ड के रिजल्ट का अभी कुछ पता नहीं है। यदि यूपी बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के नंबर कम आए तो वे मेरिट में पिछड़ जाएंगे। जिले के अच्छे डिग्री कॉलेजों में सीमित सीट हैं। ऐसे में छात्र दाखिले को लेकर चिंतित हैं। दूसरे राज्यों में की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में दाखिलों के लिए मारामारी है। शासकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में दाखिले मेरिट पर होते हैं।
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