मूल्यांकन केंद्रों पर कोरोना से बचाव के होंगे पुख्ता इंतजाम
बिजनौर। कोरोना आपदा को लेकर जिला रेड जोन में है। पांच मई से यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है। प्रशासन के लिए जिले के चार केंद्रों पर मूल्यांकन कराना चुनौती से भरा है। मूल्यांकन केंद्रों पर कोरोना से बचाव के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं
जिला मुख्यालय पर जीआईसी, जीजीआईसी, आरजेपी तथा बीआईसी मूल्यांकन केंद्र हैं। शासन ने मूल्यांकन का काम शुरू होने से पहले कोरोना से बचाव के इंतजाम करने को कहा है। रोजाना कक्षों को सैनिटाइज करना है। केंद्रों पर सैनिटाइजर, लिक्विड साबुन, मास्किटो रिपेलेंट, पेपर नेपकिन रखे जाएंगे। परीक्षकों को मास्क लगाकर तथा ग्लव्ज पहनकर बैठना है। परीक्षक दो-दो मीटर की दूरी पर बैठेंगे। उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल रोजाना सैनिटाइज होंगे। जीआईसी केंद्र पर 15 कक्षों, जीजीआईसी में 21, बीआईसी में 15, आरजेपी में 18 कक्षों में मूल्यांकन है। हर केंद्र पर कापी रखने के दो से तीन कोठार तथा पत्राचार कक्ष हैं। इस प्रकार चारों केंद्र पर प्रधानाचार्य व लिपिक कक्षों समेत करीब 80-85 कक्षों को दो दिन में सैनिटाइज किया जाना है। इन कक्षों की सैनिटाइजेशन प्रक्रिया मूल्यांकन अवधि में रोजाना जारी रहेगी
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि सैनिटाइज करने समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिए केंद्रों को निर्देश दे दिए हैं। बताया सैनिटाइजेशन के लिए नगर पालिका से संपर्क किया जा रहा है। केंद्रों के उपनियंत्रक सुभाषचंद्र जीआईसी, निर्मला शर्मा जीजीआईसी, ओमपाल सिंह आरजेपी तथा आफताब अहमद बीआईसी ने बताया कि मूल्यांकन के लिए कक्ष मानक स्तर के हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के अनुसार मूल्यांकन की व्यवस्था बनानी शुरू कर दी गई है।