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एक रूपया रोजाना बचाकर देश के लिए जोड़े 25 लाख रूपए

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धामपुर। पिछले 20 सालों से साहित्य, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय अक्षर संस्था ने ‘एक रुपया प्रतिदिन देश के नाम’ अभियान चला रखा है। इसके माध्यम से संग्रहीत धनराशि को प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष के लिए ड्राफ्ट के माध्यम से भेजा जाता है। अब तक यह संस्था 25 लाख की धनराशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष के लिए भेज चुकी है।
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अक्षर संस्था के संयोजक सत्यराज ने बताया कि वे स्वयं एक ऐसे परिवार के सदस्य है, जिसके आठ लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं। सत्यराज मूल रूप से अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव उदयपुर के निवासी हैं। अब काफी समय से धामपुर में परिवार के साथ निवास करते हैं। सत्यराज समाज सेवा का श्रेय अपने पिता बाबू किशन सिंह को देते हैं। उन्होंने बताया कि पिताजी अक्सर कहा करते थे कि हमने गुलामी से देश आजाद कराया लेकिन बाद की पीढ़ी को भी किसी न किसी तरह राष्ट्र सेवा करनी चाहिए। तरीके स्वयं खोजने होंगे।
ऐसे ही कुछ प्रेरक विचारों के चलते सत्यराज ने ‘अक्षर’ नामक एक संस्था का गठन कर लिया। बाद में अनेक लोग जुड़ते चले गए। देश समाज में अक्सर बाढ़, सूखा, भूकंप की दुर्घटनाएं होती रहती , तो उनकी संस्था भी राहत सामग्री जुटाती और भेजती है। इसी सोच को स्थायित्व देते हुए उन्होंने अपनी धर्मपत्नी कवियत्री नीरजा सिंह के साथ आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए ‘ एक रुपया प्रतिदिन देश के नाम’ अभियान 2001 से प्रारंभ किया। बीच में यह अभियान सात आठ वर्ष तक स्थगित भी रहा। लेकिन अब 2013 से निरंतर चल रहा है। आपदा पीड़ितों की मदद के लिए सबसे पहले पीएम रिलीफ फंड से ही पैसा भेजा जाता है। इस अभियान से जुड़े लोग प्रति व्यक्ति (सदस्य) एक वर्ष के 365 रूपए इस कोष में प्रदान करते हैं। यह वर्ष कोविड-19 का रहने के कारण लोगों ने सर्वाधिक धनराशि तीन लाख 56 हजार 20 रूपए का संग्रहण किया है। अब तक संस्था प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत अपादा कोष में कुल 25 लाख 19 हजार रूपए जमा करा चुकी है।
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