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यूपी में उफान पर कई नदियां: बारिश में गिरी मकान की छत के मलबे में दबकर महिला की मौत, 24 घंटे बाद मिला शव

Tue, 09 Jul 2024 09:32 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मंडावर/अफजलगढ़/रेहड़/बिजनौर

सार

मंडावर के मोहल्ला फरासटोली निवासी शबरा 60 वर्ष पत्नी रियाजूदिन सोमवार की सुबह से घर से लापता थी। जिसे इधर उधर तलाश किया गया। मंगलवार को परिवार वालों ने घर के पास लगे सीसी टीवी कैमरे खंगाले। जिसमें महिला पास के ही एक मकान में जाते हुए दिखाई दे रही है।
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घर की छत गिरने से महिला की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बारिश थम चुकी है, गंगा और मालन का जलस्तर गिरावट की ओर है। मगर आफत अब तक बनी है। बारिश की वजह से गिरे एक मकान की छत गिरने से मलबे में दबकर एक महिला की मौत हो गई। 24 घंटे बाद महिला के शव को तलाशा जा सका। उधर धारा, बनैली और फीका नदी में डैम से पानी छोड़े जाने की वजह से उफान है। वहीं चरने गए 10 पशुओं की मौत पीली बांध की दलदल में फंसने हो गई। खादर इलाकों में चारे का संकट गहराया हुआ है। इससे पशुपालक परेशान हैं।  

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मंडावर के मोहल्ला फरासटोली निवासी शबरा 60 वर्ष पत्नी रियाजूदिन सोमवार की सुबह से घर से लापता थी। जिसे इधर उधर तलाश किया गया। मंगलवार को परिवार वालों ने घर के पास लगे सीसी टीवी कैमरे खंगाले। जिसमें महिला पास के ही एक मकान में जाते हुए दिखाई दे रही है। जोकि वापस नहीं लौटी। परिवार वालों ने उस मकान में जाकर देखा तो महिला का शव मकान की रसोई के अंदर मलवे में दबा पड़ा मिला। जिसकी छत बारिश की वजह से गिरी थी। बताया गया कि उक्त मकान उनके पड़ोसी ईजाज का है। जोकि काफी समय से परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। उक्त मकान की देखरेख की जिम्मेदारी मृतक महिला के परिवार को दे रखी थी। 

सोमवार की सुबह शाबरा उक्त बंद मकान का ताला खोल कर रसोई में रखी मच्छरदानी उठाने गई थी। इसी दौरान बारिश के कारण रसोई की छत भरभरा कर शाबरा के ऊपर गिर गई। जिसमे शाबरा की मौत हो गई। परिजनों ने बिना कार्रवाई शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया। 

नदियों के पास नहीं जाने की दी जा रही हिदायत
अफजलगढ़ क्षेत्र की धारा, बनैली, फीका और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रशासन की ओर से क्षेत्रवासियों को नदी क्षेत्र की ओर न जाने की अपील की जा रही है। मगर मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पशुओ के लिए चारा काटने ओर नदी क्षेत्र की ओर पशुओं को चराने ले जा रहें हैं। 

उधर गांव लालपुरी निवासी वनगूजर इब्राहिम, मुस्तफा व मुमताज रविवार की दोपहर अपने पशुओं को पीलीडैम में चराने ले गए थे। इसी बीच पीलीडैम में धारा व बनैली नदी का पानी तेज गति से आ गया। अचानक पानी आने से सैकड़ो पशु डैम में ही फंस गए। इनमें से काफी पशुओं को कड़ी मशक्कत कर बाहर निकाल लिया। लेकिन इसके बावजूद करीब 10 से अधिक पशु डैम की दलदल में फंसकर मर गए और उनकी मौत हो गई। 
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सिचाई विभाग के जेई भानू प्रताप सिंह का कहना हैं कि मामला उनकी जानकारी में आया हैं। डैम क्षेत्र में कोई हादसा ना हो इसके लिए उधर आने- जाने पर रोक हैं। हालांकि बिजनौर बैराज पर गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को बिजनौर बैराज पर जलस्तर 218.80 मीटर रहा। जबकि सोमवार को 219.10 मीटर बना हुआ था।
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