नहटौर। नन्हेड़ा निवासी महिला के नवजात शिशु की मौत के मामले में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई। महिला के परिजनों का आरोप है कि सीएचसी पर तैनात स्टॉफ नर्सों ने गर्भ में जुड़वा बच्चे होने के बावजूद उसकी नॉर्मल डिलीवरी कराने का प्रयास किया। इससे एक नवजात की मौत हो गई।
ग्राम नन्हेड़ा निवासी सुरेश कुमार बृहस्पतिवार 11 दिसंबर को अपनी गर्भवती पत्नी मधु देवी को जांच के लिए सीएचसी पर लाए थे। वहां तैनात स्टाफ नर्स बीना देवी एवं नीशु देवी ने गर्भ में जुड़वा बच्चे होने की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने सामान्य प्रसव होने की बात कही। शाम करीब पांच बजे एक शिशु का सामान्य जन्म हुआ, जबकि दूसरे शिशु के जन्म में जटिलता हो गई। आरोप है कि तीन घंटे तक नर्सों ने जच्चा पर अनावश्यक दबाव डाला। हालत बिगड़ने पर रात करीब आठ बजे उसे निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां ऑपरेशन से दूसरा शिशु मृत अवस्था में आया।
शिकायतकर्ता ने मामले में संबंधित स्टाफ नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामले में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जांच टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिका, चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल सिंह रावत तथा बीपीएम अमित श्रीवास्तव को शामिल किया गया है।