बिजनौर। कई घंटे तक लगातार बारिश होने से मौसम खुशगवार हो गया है। जिले भर में 108 एमएम बारिश हुई है। बारिश के कारण चंदक और स्योहारा में मकान ढह गए। वहीं कई जगह जलभराव के कारण घरों में पानी घुसने से लोग परेशान दिखे।
बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे से ही हल्की हल्की बारिश पड़नी शुरू हो गई थी। शुक्रवार सुबह को बारिश सुबह के समय थोड़ी देर के लिए बंद हुई, लेकिन फिर करीब एक बजे तक लगातार हल्की हल्की बारिश पड़ती रही। इस मानसून सीजन में शायद ऐसा पहली बार हुआ है कि पूरे जिले में एक साथ बारिश हुई है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार आर्द्रता बढ़ी हुई है। अभी और बारिश होगी। आर के शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में वर्षा 108 एमएम रिकार्ड की गई। उधर, तहसीलदार नवनीत गोयल ने बताया कि दुपहर बाद खो नदी में पानी आने की सूचना पर गांव के लेखपालों को चौकसी बरतने के लिए क्षेत्र में भेजा गया है। बाढ़ से प्रभावित गांव चमरावाला में खो नदी में पानी आने की सूचना प्राप्त हुई है। क्षेत्र की बराबर निगरानी रखी जा रही है।
चंदक में बारिश से एक विधवा का कच्चा मकान गिर गया। मकान गिरने से विधवा का परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। ग्राम प्रधान ने परिवार को बीपीएल सूची में शामिल कर प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजना में मकान बनवाने की बात कही है।
गांव बुडगरा निवासी भाग्यवती पत्नी स्व.रविंद्र सिंह के चार बच्चे हैं। भाग्यवती मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन करती है। भाग्यवती का दो कमरों का एक कच्चा मकान था। शुक्रवार को हुई तेज बारिश के दौरान घर के पांचों सदस्य एक कमरे में बैठे थे। दोपहर करीब 12 बजे मकान के गिरने का अंदेशा होने पर पांचों कमरे से निकलकर खुले में आ गए। उनके बाहर आते ही मकान के कमरे भरभराकर गिर गए। परिवार बाल बाल हादसे की चपेट में आते आते रह गया। एक कमरे में बंधी भैंस मलबे की चपेट में आकर घायल हो गई। गांव वालों ने मकान का मलबा हटाकर जरूरी सामान बाहर निकलवाया। भाग्यवती का परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। परिवार ने अब ढहे हुए मकान के पास आश्रय के लिए तिरपाल डाला है। ग्राम प्रधान ललिता चौहान के मुताबिक पहले ग्राम प्रधान ने उक्त परिवार को बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया था। वे अब इस परिवार को बीपीएल सूची में शामिल करा रही हैं। सरकारी योजना का लाभ सबसे पहले इस परिवार को ही दिलाया जाएगा।
राजा का ताजपुर, शुक्रवार को तेज बारिश पड़ने पर नूरपुर - स्योहारा मार्ग स्थित ग्राम भूतपुरी में जैसे ही पुलिया से सब्जी से भरा टाटा 407 गुजरा तभी पुलिया नीचे धंस गई। इससे उसका पिछला पहिया पुलिया में धंस गया । गाड़ी पलटने से बाल बाल बची । इस कारण यातायात अवरूद हो गया । उसके वहा फंसे होने के कारण दोनों ओर काफी दूर तक जाम लग गया । यात्रियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी ।
वहीं नूरपुर से स्योहारा तक का मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है ।पूरे मार्ग में जगह जगह गड्ढे बन गए । ताजपुर में काफी दूरी तक सड़क में गड्ढ़ा बना हुआ है ।इस कारण वहां दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है ।इस ओर किसी अधिकारी का कोई ध्यान नही है ।
चांदपुर मेें बृहस्पतिवार की रात्रि से नगर क्षेत्र में हो रही बारिश से जहां मौसम में बदलाव आया है वहीं जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया। नगर में अनेक स्थानों पर जल भराव जैसी स्थिति हो गई। सिलारा तालाब के पानी की निकासी बंद होने के कारण तालाब में पानी की मात्रा अधिक हो गई है। तालाब में नगर के अनेक क्षेत्रों का पानी आ रहा है। इससे आसपास के किसान ध्यान सिंह, मदन, सुभाष, केला देवी, महेंद्र सिंह, पुखराज आदि की होने वाली सब्जी भींडी, पालक, शलजम, गोभी, तौरी, प्याज आदि की फसल डूब गई हैं। तालाब के पानी से आसपास क्षेत्र भी प्रभावित हैं।
वहीं नींदडू़ में गंदे व बरसाती पानी की निकासी वाले नाले की सफाई के अभाव तथा आगे से नाले को संकरा कर नाली बनाने के कारण बारिश का पानी कई घरों में घुस गया। मोहल्लेे वालों ने पानी निकासी की उचित व्यवस्था की मांग की है।
बृहस्पतिवार रात रुक-रुक कर और शुक्रवार को हुई वर्षा का पानी नाले से नहीं निकलने के परिणाम स्वरूप ज्यादातर पानी टांडा वाल्मीकि में बनारसी लाल, चमन लाल, नजाकत हुसैन और छोटे खां समेत कई घरों में घुस गया। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कई वर्ष पूर्व गंदे व बरसाती पानी निकलने के नाले का टांडा वाल्मीकि से लक्खी तालाब तक करीब 400 मीटर लंबे भाग के नाले को संकरा कर वहां नाली बना दी गई है। इससे तेज गति का पानी नाली से क्रास नहीं होकर घरों में घुस जाता है। उन्होंने प्रशासन से पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
वहीं स्योहारा में गांव सहसपुर में तेज बारिश के कारण शुक्रवार की सुबह एक मकान भर-भराकर गिर गया। लेकिन मकान गिरने से पहले परिवार सकुशल बाहर निकल आया। मकान के मलबे में तीन बकरी के बच्चें दब गए।
जिले में शुक्रवार की सुबह से रूक-रूक कर बारिश हो रही है। गांव सहसपुर में तेज बारिश के कारण शुक्रवार की सुबह सुनील का मकान गिर गया। सुनील ने बताया कि मकान के अंदर उसकी पत्नी लक्ष्मी, पुत्र दलीप, सोनू व पुत्री चांदनी, अंजली व पूनम सो रहे थे। लेकिन जब मकान की छत से मिट्टी गिरनी शुरू हुई तो वह मकान के अंदर से बाहर आ गए। मकान के बाहर आने के कुछ देर बाद मकान भर-भराकर गिर पड़ा। मकान के मलबे में बकरी के तीन बच्चे दब गए। सुनील के अनुसार करीब उनका दो लाख रुपए का नुकसान हो गया।
वही स्योहारा में बारिश के कारण सड़कें गड्ढों के कारण तालाब में तब्दील हो गया। इसके कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्योहारा में बारिश के कारण आरएसपी इंटर कॉलेज रोड पर करीब ढाई फीट व पीले का पुल के निकट बस्ती में डेढ़ फीट पानी भर गया। इसके कारण वहां शहरवासियों को आवागमन बंद हो गया। नूरपुर पर बड़े-बड़े गड्ढों होने के कारण मार्ग तलाब में बदल गया। स्योहारा थाना, ब्लॉक, जिला सहकारी बैंक व विद्युत निगम के कार्यालय में भी बारिश का पानी भर गया।
बारिश गन्ने के साथ साथ धान के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगी। किसानों जगवंत सिंह, रमेश, रामपाल सिंह के अनुसार बारिश से सबसे ज्यादा फायदा गन्ने की फसल को होगा। बारिश से गन्ने की मोटाई और बढ़ेगी। बारिश से मौसम भी खुशगवार हो गया है। बारिश से तापमान में करीब पांच डिग्री गिरावट आई है। घरों और दफ्तरों के एसी शुक्रवार को बंद ही रहे। बिना एसी के ही मौसम में ठंडक का एहसास रहा।