बिजनौर । स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मचारियों को चार माह का मानदेय नहीं मिलने से उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। मानदेय नहीं मिलने से संविदा कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में आरएनटीसीपी (रिवाइज नेशनल टीबी कंट्रोल प्रोग्राम) के अंतर्गत 2003 में करीब 70 संविदा कर्मचारी रखे गए थे। यह कर्मचारी टीबी कार्यक्रमों को देखते है। टीबी नियंत्रण कर्मचारी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ राज ने बताया कि उनका सितंबर से दिसंबर तक का मानदेय रुका हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन ने दिसंबर की शुरूआत में ही एनएचएम बिजनौर को मानदेय का बजट भेज दिया है, लेकिन शासन से बजट आने के एक माह बाद भी उनको मानदेय नही दिया जा रहा है। उन्होंने जल्द मानदेय नही मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि अधिकांश संविदा कर्मचारी किराए के मकान में रहते है। वह मानदेय नही मिलने के कारण बच्चों की फीस भी नही दे पा रहे है। सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल ने बताया कि आरएनटीसीपी के संविदा कर्मचारियों का मानदेय का बजट एनएचएम में आ गया है जल्द ही उनके खातों में भिजवाया जाएगा।