प्रधानाध्यापक के वेतन से बंटेगी यूनिफॉर्म
बिजनौर।
बीएसए महेश चंद्र को मान्यता प्राप्त स्कूलों के निरीक्षण में खामियां मिलीं। जवाहर जूनियर हाई स्कूल रसूलपुर नंगला में यूनिफॉर्म वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक और लिपिक के वेतन से बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा दो प्रधानाध्यापक, दो लिपिक और एक शिक्षामित्र का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने मंगलवार को चांदपुर क्षेत्र के कई स्कूलों का निरीक्षण किया। मोबिन जूनियर हाई स्कूल चांदपुर में विद्यालय की रंगाई पुताई नहीं कराई गई। निरीक्षण के दौरान बच्चे उपस्थित नहीं मिले। बीएसए ने स्कूल के प्रधानाध्यापक, लिपिक का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। जवाहर जूनियर हाई स्कूल रसूलपुर नंगला में निरीक्षण में बच्चों की यूनिफॉर्म वितरण में गड़बड़ी मिली। बीएसए के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 205 छात्र-छात्राओं की यूनिफॉर्म की धनराशि स्कूल को उपलब्ध कराई गई थी। जिसके सापेक्ष 170 छात्र-छात्राओं को ही यूनिफॉर्म वितरित की गई।
बीएसए ने स्कूल के प्रधानाध्यापक, लिपिक के वेतन से शेष 35 छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जबकि प्राथमिक विद्यालय बोहरा में एक शिक्षामित्र अनुपस्थित पाई गई। शिक्षामित्र का एक दिन का मानदेय रोकने के निर्देश दिए हैं। जबकि राष्ट्रीय जूनियर हाई स्कूल बोहरा के निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर प्रधानाध्यापक, लिपिक का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।