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यूक्रेन से अब तक जिले के 63 छात्रों की हुई वापसी

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63 छात्रों की वापसी, 29 का है इंतजार
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बिजनौर। यूक्रेन में फंसे जिले के 63 छात्र अब तक अपने घर लौट चुके हैं। जिनकी वतन वापसी पर परिवार वालों में खुशी का माहौल है। हालांकि 29 छात्रों का लौटना अभी बाकी है। जिनका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। एक दो दिन में इनके लौट आने की उम्मीद है। उधर, प्रशासन लगातार छात्रों के परिवार वालों से संपर्क बनाए हुए है।
गुलफसा और गुलवेज लौट आए घर
झालू। कस्बा झालू निवासी डॉक्टर वसीम अहमद की पुत्री गुलफसा सैफी और बेटा गुलवेज सैफी 2019 में यूक्रेन एमबीबीएस करने गए थे। अब रूस और यूक्रेन के बीच जंग हुई तो दोनों भाई बहन रोमानिया में पहुंच गए। रोमानिया बॉर्डर पर बने शेल्टर हाउस में तीन दिन तक वतन वापसी की उम्मीद देखते रहे। इसके बाद रोमानिया एयरपोर्ट से भारतीय विमानसे दोनों भाई बहन को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचाया। पिता डॉक्टर वसीम अहमद और माता मोमिना खातून ने बताया की उन्होंने अपने लाडलो को सुरक्षित पाकर अपने गले से लगा लिया और आंखों से खुशी के आंसू निकलने शुरू हो गए। और भारत सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने हमारे बच्चों को सुरक्षित वतन वापसी करा कर हमारे बीच पहुंचाया है।
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किरतपुर का साद भी लौटा घर
किरतपुर। गांव चांडक तुर्क निवासी अफजाल का बेटा भी यूक्रेन से घर लौट आया है। साद यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गया था। साद ने बताया कि यूक्रेन में भयंकर बमबारी हो रही है। वहां पर जान और माल की हानि लगातार जारी है। बताया कि वह और उनके साथी रोमानिया आ गए थे। रोमानिया के रास्ते भारत आए हैं। यहां आकर मैं बहुत खुश हुं और अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। साद के पिता अफजाल ने साद के भारत सुरक्षित लौटने पर हिंदुस्तानी सरकार का आभार जताया है।
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खारकीव में फंसा अकमल भी लौट आया घर
गजरौला शिव। यूक्रेन में एमबीबीएस करने गए क्षेत्र के 3 छात्रों में से 2 छात्र पहले ही अपने घर आ गए हैं। जबकि तीसरा छात्र वापस आ गया है। गजरौला शिव निवासी नूर अहमद का का बेटा मोहम्मद अकमल यूक्रेन के खारकीव के नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में 2017 में एमबीबीएस करने गया था। जहां उसका पांचवा साल था। मोहम्मद अकमल ने बताया कि युद्ध शुरू होते ही उसने यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी। वह खारकीव के बंकर में भारतीय छात्रों के साथ 5 दिन रहा । पांच मार्च को वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे जहां उन्हें यूपी के अधिकारी मिले वह उन्हें यूपी भवन ले गए।
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