फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुखार से मर रहे लोग, महकमा बता रहा पुरानी बीमारी

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। बुखार से जिलेभर में अब तक पैंतीस से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सेहत महकमा बुखार से मौतों को कबूल करने के बजाय खुद को पाक-साफ साबित करने पर आमादा है। रहरा, हसनपुर, धनौरा और गजरौला के खादर क्षेत्र में बरसात का पानी भरने के बाद बुखार का प्रकोप तेजी से फैला है। लेकिन महकमा बुखार के एपेडेमिक रूप से फैलने को लगातार नकारता आ रहा है।
विज्ञापन

बुखार का प्रकोप जिले में तेजी से फैला है। सरकारी सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी इसकी तस्दीक कर रही हैं। मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की सुविधाएं भी कम पड़ गईं। मगर इसके उलट महकमा बुखार के संक्रामक रूप से फैलने की बात से ही इंकार कर रहा है। इस हफ्ते भी बुखार से दर्जनभर लोगों की मौतें हो चुकी हैं। लेकिन महकमा बुखार से मौत के पीछे दूसरी वजह बताकर अपनी नाकामी पर पर्दा डालने में लगा है।

ऐपेडेमिक रूप से नहीं फैला बुखार
सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि अभी तक बुखार के संक्रामक रूप से फैलने की बात सामने नहीं आई है। बुखार सहित संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमा जुटा हुुआ है। बुखार से पीड़ित मरीजों की स्लाइड बनाकर तुरंत जांच करने के निर्देश टीमों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सामने आया है कि अब तक जितनी भी मौतें हुई हैं उनमें लोग पहले से दूसरी बीमारियों से पीड़ित थे। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी बुखार से मौत ते हुई है। लेकिन इनका इलाज लंबे समय से प्राइवेट डॉक्टरों से चल रहा था। ये लोग इलाज कराने सरकारी अस्पताल गए ही नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें