फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor: मूर्ति प्रकरण विवाद में कुंवरानी और भाजपा नेताओं सहित 56 मुचलका पाबंद

Sun, 08 Sep 2024 11:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर

सार

इस विवाद में लाइन हाजिर हुए प्रभारी निरीक्षक को अब निलंबित किया गया।  एक सप्ताह पूर्व असामाजिक तत्वों ने काली की मूर्ति को  खंडित कर दिया था।
विज्ञापन
पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजनौर के स्योहारा में मूर्ति प्रकरण में पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका के चलते कुंवरानी कामिनी सिंह और भाजपा नेताओं समेत 56 लोगों को मुचलका पाबंद किया है। वहीं, इस मामले में लापरवाही के चलते लाइन हाजिर किए गए प्रभारी निरीक्षक को अब निलंबित भी कर दिया गया है।

विज्ञापन


एक सप्ताह पूर्व असामाजिक तत्व ने पालनपुर रोड स्थित माता काली की मूर्ति को खंडित कर दिया था। जिस पर सैकड़ों लोगों ने हंगामा करते हुए थाने का घेराव किया। मूर्ति की स्थापना के साथ साथ मंदिर की चहारदीवारी और छत डालने की भी मांग की थी।

विवाद को शांत करने के लिए पुलिस ने मां काली की मूर्ति में सहयोग किया था। वहीं कुछ गणमान्य लोगों ने निर्माण सामग्री भिजवा दी थी। अगले दिन मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ तो जमीन स्वामी ने अधिकारियों से शिकायत कर नए निर्माण कार्य को लेकर विरोध किया था।

इस पर प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवाया दिया था। अगले दिन जहां मां काली की नई मूर्ति स्थापित कराई गई थी, वहीं अन्य निर्माण कराने की अनुमति नहीं दी गई थी। उधर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने थाना प्रभारी जीत सिंह को अनुशासनहीनता और अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं देने पर लाइन हाजिर करते जांच सीओ अफजलगढ़ को सौंप दी थी। अब सीओ अफजलगढ़ की जांच पर जीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन

साथ ही अब इस मामले में कुंवरानी कामिनी सिंह सहित पुलिस ने 56 लोगों को मुचलका पाबंद किया है। इनमें लोक तंत्र सेनानी व वरिष्ठ भाजपा मुकेश रस्तोगी, सभासद स्वेत रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी आदि शामिल है।

मुकेश रस्तोगी का कहना है कि जिन लोगों ने मूर्ति खंडित मामले में माहौल को शांत कराने में मुख्य भूमिका निभाई है, यदि ऐसे लोगों पर पुलिस कार्रवाई करती है तो समाज में इसके प्रति प्रतिक्रिया जरूर पैदा होगी।

एसडीएम और सीओ दोनों ही मौके पर गए थे। जो लोग मूर्ति प्रकरण विवाद में मौजूद थे, ऐसे लोगों को चिन्हित कर मुचलका पाबंद किया गया है। मुचलका पाबंद पुलिस कार्रवाई का एक हिस्सा है। यदि भविष्य में कोई इस प्रकरण में कोई क्रिया प्रतिक्रिया नहीं करता है तो किसी को भी इस कार्रवाई से कोई नुकसान नहीं है। - धर्म सिंह मार्छल, एसपी पूर्वी धामपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें