विवाद को शांत करने के लिए पुलिस ने मां काली की मूर्ति में सहयोग किया था। वहीं कुछ गणमान्य लोगों ने निर्माण सामग्री भिजवा दी थी। अगले दिन मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ तो जमीन स्वामी ने अधिकारियों से शिकायत कर नए निर्माण कार्य को लेकर विरोध किया था।
इस पर प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवाया दिया था। अगले दिन जहां मां काली की नई मूर्ति स्थापित कराई गई थी, वहीं अन्य निर्माण कराने की अनुमति नहीं दी गई थी। उधर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने थाना प्रभारी जीत सिंह को अनुशासनहीनता और अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं देने पर लाइन हाजिर करते जांच सीओ अफजलगढ़ को सौंप दी थी। अब सीओ अफजलगढ़ की जांच पर जीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही अब इस मामले में कुंवरानी कामिनी सिंह सहित पुलिस ने 56 लोगों को मुचलका पाबंद किया है। इनमें लोक तंत्र सेनानी व वरिष्ठ भाजपा मुकेश रस्तोगी, सभासद स्वेत रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी आदि शामिल है।
मुकेश रस्तोगी का कहना है कि जिन लोगों ने मूर्ति खंडित मामले में माहौल को शांत कराने में मुख्य भूमिका निभाई है, यदि ऐसे लोगों पर पुलिस कार्रवाई करती है तो समाज में इसके प्रति प्रतिक्रिया जरूर पैदा होगी।
एसडीएम और सीओ दोनों ही मौके पर गए थे। जो लोग मूर्ति प्रकरण विवाद में मौजूद थे, ऐसे लोगों को चिन्हित कर मुचलका पाबंद किया गया है। मुचलका पाबंद पुलिस कार्रवाई का एक हिस्सा है। यदि भविष्य में कोई इस प्रकरण में कोई क्रिया प्रतिक्रिया नहीं करता है तो किसी को भी इस कार्रवाई से कोई नुकसान नहीं है। - धर्म सिंह मार्छल, एसपी पूर्वी धामपुर