अधिकारियों ने रेलपथ कर्मचारियों को ठहराया जिम्मेदार
नजीबाबाद। लिंक एक्सप्रेस के एसएलआर में आई तकनीकी खराबी मामले में रेलपथ कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। रेलवे अधिकारियों की संयुुक्त रिपोर्ट में उन्हें जिम्मेदार माना गया है।
देहरादून से इलाहाबाद जा रही लिंक एक्सप्रेस 14114 के एसएलआर में शुक्रवार को आई तकनीकी खराबी में रेलवे ने जांच शुरू कर दी है। लिंक एक्सप्रेस चंदक क्षेत्र में जब मालन नदी के निकट से गुजर रही थी तब उसमें इंजन के बाद लगे एसएलआर कोच में तेज आवाज के साथ कोई चीज टकराई थी।
नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद जांच में कैरेज एंड वैगन विभाग ने कोच को अनफिट बताकर ट्रेन से अलग कराया था। सवा घंटा विलंब से ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हुई थी। एडीईएन करनप्रीत सिंह के निर्देशन में मंडलीय रेल अधिकारियों को घटना के संबंध में भेजी गई संयुक्त रिपोर्ट में रेलपथ विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है। स्टेशन अधीक्षक आर के मीणा, कैरिज एंड वैगन विभाग के शीशपाल सिंह, पीडब्ल्यूआई के एल वर्मा, आरपीएफ प्रभारी इंद्रकांत शर्मा, टीआई रुड़की पीके सिंह की संयुक्त रिपोर्ट में रेलपथ विभाग के कर्मचारियों द्वारा रेल ट्रेक पर ब्लॉक लिए बगैर काम किया जा रहा था। जांच रिपोर्ट में एसएलआर कोच से रेेल लाइन का टुकड़ा या कोई भारी चीज टकराने और उससे एसएलआर कोच की व्हील सेफ्टी स्ट्रेप टूटने की बात कही गई है।
घटना के लिए चंदक मालन नदी पुल क्षेत्र में रेल ट्रेक पर काम करा रहे रेलपथ के अवर अभियंता अंकित कुमार, गैंग मेट और स्टाफ को जिम्मेदार ठहराया गया है। जिससे रेलपथ के कर्मचारियों पर घटना की गाज गिरने की संभावना है। लिंक एक्सप्रेस का तकनीकि खराबी का शिकार हुआ एसएलआर कोच तीन दिन से नजीबाबाद स्टेशन पर खड़ा है।
बड़े हादसे का शिकार हो सकती थी ट्रेन
नजीबाबाद। लिंक एक्सप्रेस के एसएलआर कोच से टकराई भारी चीज जिसमें रेल पथ कर्मचारियों द्वारा काम के लिए लाई गई रेल लाइन या भारी चीज थी। यदि ट्रेन के इंजन के आगे या एसएलआर कोच के नीचे रेल ट्रेक पर आ जाती तो लिंक एक्सप्रेस बड़े हादसे का शिकार हो सकती थी।