बलवंत सिंह ने आरोपों को झूठा बताया
बिजनौर।
बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व चेयरमैन बलवंत सिंह ने सोमवार को घटित हुई घटना पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। प्रेस को जारी अपने बयान में बलवंत सिंह ने कहा कि वे 1982 से 1984 तक बार एसोसिएशन बिजनौर के अध्यक्ष और बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पांच बार सदस्य रहे हैं। दूसरे गुट द्वारा उनके विरोध या अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्याशी खड़ा करने के बाद भी वे कामयाब रहे हैं।
बलवंत सिंह ने कहा कि दूसरे गुट द्वारा उन पर सदस्य बनाने को लेकर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। कहा कि सोमवार को आनंद जंघाला अपने दो भाई व 10-15 अज्ञात लोगों के साथ तमंचे व हथियारों से लैस होकर जजी परिसर में आए और उनके बेटे राहुल से मारपीट की, जान से मारने की नीयत से फायर भी किए। वह अपने बेटे को बचाने आए तो उन्होंने उनके साथ भी मारपीट की व तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी दी। आनंद जंघाला चुनाव कमेटी में सदस्य हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी ने लवली चौधरी को भी चुनाव कमेटी में रखा है। आनंद जंघाला लवली चौधरी को काम नहीं करने दे रहे जिसकी जानकारी लेने पर आनंद जंघाला नाराज हो गए और उक्त घटना को अंजाम दिया। बलवंत सिंह के अनुसार सोमवार को हुई घटना से उनका कोई लेना देना नहीं है। आनंद जंघाला का नाम डीजीसी पद के लिए न भेजे जाने पर भी उन पर शक किया जा रहा है। जबकि यह प्रक्रिया जिला जज व डीएम द्वारा संपन्न कराई जाती है।