बिजनौर । जिले के तीन मूल्यांकन केंद्रों पर कापी जांचने का कार्य पूरा हो गया है। हाई स्कूल की आवंटित सभी कापियां जांची जा चुकी हें। जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर आवंटित इंटर के सभी विषयों का काम समाप्त हो गया है। जिले में परीक्षकों की कमी के चलते आरजेपी मूल्यांकन केंद्र पर भौतिक शास्त्र और जीवविज्ञान की कापी जांचने के लिए बचीं हैं।
बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की कापी के जांचने का काम 17 मार्च से शुरू हुआ था। कापी जांचने का काम 31 मार्च तक पूरा होना है। जिले में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे। डीएवी इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को हाई स्कूल का मूल्यांकन केंद्र बनाया था। दोनों केंद्र को तीन लाख 54,074 कापी आवंटित की गईं थी। हाई स्कूल की कापी जांचने का काम 30 मार्च को पूरा हो गया है। जीआईसी और आरजेपी इंटर कॉलेज बिजनौर को इंटर का मूल्यांकन केंद्र बनाया गया था। दोनों केंद्र को चार लाख 52,865 कापी जांचने के लिए मिली थी। जीआईसी केंद्र पर इंटर की सभी विषयों की कापी के मूल्यांकन का काम आज पूरा हो गया है। आरजेपी इंटर कॉलेज पर 13,555 कापी जांचने के लिए बचीं हैं।
कापी जांचने में बना रिकार्ड
बिजनौर । जिले के तीन मूल्यांकन केंद्र ने तय समय से पहले मूल्यांकन पूरा करके रिकार्ड बनाया है। केंद्रों पर पहले दिन से ही परीक्षकों की कमी थी। जीजीआईसी बिजनौर मूल्यांकन केंद्र की उपनियंत्रक राजुल त्यागी के अनुसार केंद्र को हाई स्कूल की एक लाख 71661 कापी बोर्ड ने जांचने के लिए आवंटित कीं थी। केंद्र पर 53 उपप्रधान और 583 सहायक परीक्षक नियुक्त थे। सभी विषयों की कापियों को जांचने का काम 30 मार्च को पूरा हो गया है। डीएवी मूल्यांकन केंद्र बिजनौर के उपनियंत्रक मनोज कुमार गोस्वामी के अनुसार केंद्र को जांचने के लिए हाई स्कूल की एक लाख 82413 कापी आवंटित हुईं थी। 62 उप्रपधान व 583 सहायक परीक्षक ने मूल्यांकन का काम 30 मार्च तक पूरा कर लिया है। जीआईसी बिजनौर केंद्र के उपनियंत्रक दिनेश कुमार चौहान के अनुसार केंद्र को आवंटित इंटर की दो लाख 44335 कापी जांचने के लिए भेजी गईं थी। सभी विषयों की कापी 30 मार्च को जंच गई हैं। तीनों केंद्रों के उपनियंत्रकों ने शासन के आदेशों के अनुपालन में मूल्यांकन समय से पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय में भी काम किया।
आरजेपी केंद्र पर एक अप्रैल तक पूरा होगा मूल्यांकन
बिजनौर। आरजेपी मूल्यांकन केंद्र पर इंटर की भौतिक शास्त्र व जीवविज्ञान विषय की 13555 कापी जांचने के लिए बची हैं। उपनियंत्रक ओमपाल सिंह के अनुसार केंद्र को दो लाख 8530 कापी जांचने के लिए आवंटित थी। 30 मार्च तक भौतिक शास्त्र व जीवविज्ञान विषयों को छोड़कर सभी विषयों का एक लाख 94975 कापी 30 मार्च तक जांच ली गई हैं। जिले में बचीं दोनों विषयों के परीक्षक नहीं मिल रहे हैं। नियुक्त परीक्षक अतिरिक्त समय लगाकर 100 -100 कापी जांच रहे हैं। दोनों विषयों की कापी जांचने का काम एक अप्रैल तक पूरा होगा।