बिजनौर। ग्राम व जिला पंचायत के साथ ही क्षेत्र पंचायत का आरक्षण भी आवंटित कर दिया गया है। क्षेत्र पंचायत की 1393 सीटों में से 443 सीटों को अनारक्षित रखा गया है। प्रधान के बाद क्षेत्र पंचायत चुनाव का ही गांव में सबसे ज्यादा जोर रहता है। इसे कब्जाने के लिए भी दावतों का दौर चलता है। बीडीसी बनने वाला सदस्य ही ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ सकता है और इस चुनाव मेें मतदान करता है।
जिले के 11 ब्लॉक में 1393 क्षेत्र पंचायत सीट हैं। प्रशासन की सूची के अनुसार 455 सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। 359 सीट अनुसूचित जाति के लिए दी गई हैं। पिछड़े वर्ग के लिए 363 सीट रखी गई हैं। 443 सीटों को अनारक्षित रखा गया है। चुनाव के जो दावेदार आरक्षण के सांचे में फिट बैठ गए हैं, उन्होंने चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी शुरू कर दी है। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने के दावेदार भी अपने समर्थकों को ही चुनाव लड़ाकर उन्हें जीत दिलाने की तैयारी में लग गए हैं।