43 महिलाओं की जांच, छह की हालत खराब
धामपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व स्वास्थ्य अभियान फिर से शुरू हो गया है। कोरोना काल की वजह से मार्च की नौ तारीख से विभाग के अधिकारियों ने सरकार के आदेश पर स्थगित कर दिया था। प्रत्येक माह की नौ तारीख को अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। बुधवार को 43 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इनमें से छह महिलाओं की हालत खराब बताई गई है। उन्हें हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है। इनका विशेष उपचार कराया जा रहा है।
पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीषराज शर्मा ने बताया कि धामपुर अल्हैपुर विकास क्षेत्र की करीब 97 ग्राम सभाओं में तीन लाख 70 हजार की आबादी है। माना जाता है कि प्रति हजार आबादी पर करीब 28 महिलाएं गर्भवती रहती हैं। इन गर्भवती महिलाओं को पीएचसी और सीएचसी पर लाकर जांच कराने का जिम्मा आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दिया गया है। नौ जून को तीन माह के बाद यह अभियान फिर से शुरू हुआ है। इसमें महिलाओं के भ्रूण की जांच, यूरिन, एचआईवी, हीमोग्लोबिन, सिपलिस बीमारी का परीक्षण किया जाता है। महिला का वजन, भ्रूण का विकास आदि अनेक प्रकार की जांच होती हैं। यदि कोई महिला हाई रिस्क पाई जाती है तो उसका विभाग की ओर से विशेष उपचार कराया जाता है। महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना पंवार का कहना है कि विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की अच्छी प्रकार से देखभाल की जाती है। हाई रिस्क महिलाओं को आयरन, कैल्शियम व संपूर्ण आहार दिया जाता है। जिससे उसमें किसी प्रकार की कमजोरी न आने पाए।