अफजलगढ़ । अमानगढ़ व नगीना रेंज के 22 गांवों को बाघों की मौजूदगी के चलते संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि कालागढ़ क्षेत्र के 20 गांव जंगल की सीमा से लगे हैं। इन सभी 42 गांवों में बाघ और जंगली जानवरों का खतरा रहता है।
गांव मोहम्मदपुर राजौरी व आसपास के क्षेत्र में कई दिनों से खौफ प्रयाय बनी बाघिन के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार की देर शाम बाघिन को ट्रैंक्युलाइज कर अमानगढ़ ले जाया गया। अमानगढ़ रेंज में 32 से अधिक बाघ सहित 100 से अधिक हाथी, 150 गुलदार, हिरन के झुंड व किंग कोबरा आदि अन्य वन्यजीव मौजूद हैं। वन्यजीवों की अधिक संख्या के कारण इन्हें रहने के लिए काफी इलाका चाहिए। इसके अलावा कुछ हिस्सों में वन गुर्जरों ने अपने ठिकाने बना रखे हैं।
वन विभाग ने अमानगढ़ से सटे देवानंदपुर गढ़ी, रेहड़, नवाबाद जंगल, केहरीपुर जंगल, किरतपुर, रानीनांगल, फतेहपुर धारा, कल्लूवाला, लालबाग, मलौनी, मीरापुर उत्तरी तथा नगीना रेंज से सटे गांव भिक्कावाला, बनियोंवाला, इस्लामनगर, मुरलीवाला, जामुनवाला, लड्डूवाला, खैरीखत्ता, जमनपुर, रसूलपुर, रसूलाबाद, प्रेमपुरी आदि वन्य जीवों के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया हुआ है।