नांगल के खादर क्षेत्र में औपचारिकता के लिए गिराई गई गन्ने की फसल।
नांगलसोती/नजीबाबाद। बिजनौर वन विभाग नजीबाबाद के राजगढ़ रेंज की बालवाली बीट के मौजा नांगल और चंदगोयला की आरक्षित वन भूमि पर वर्षों से तहसील और उत्तराखंड के किसानों के अवैध कब्जे हैं।
खसरा संख्या-256, 257, 253 में गन्ने की फसल बोने और काटने की शिकायत शासन वन विभाग के उच्चाधिकारियों को करने के बाद जब कार्रवाई नहीं हुई तो नांगलसोती निवासी रशीद उर्फ भूरे ने शिकायत मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट प्रयागराज को भेजी।
वन विभाग के रेंजर विजेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर राम मुसाफिर यादव ने राजस्व कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर कई बीघा आरक्षित वन क्षेत्र में खड़ी गन्ने की फसल को गिरवाने की औपचारिकता पूरी की।
n दो ट्रैक्टर और तीन घंटे में कैसे गिरी फसल : रेंजर विजेंद्र सिंह ने करीब 20 बीघा गन्ने की फसल वन भूमि से गिराने की जानकारी दी। सिर्फ दो ट्रैक्टर गन्ने की फसल गिराने के लिए लगाए गए जिसमें तीन घंटे कार्रवाई हुई।
n कितनी भूमि पर अवैध कब्जा, विभाग को नहीं पता : खादर क्षेत्र में आरक्षित वन क्षेत्र की कितनी भूमि पर किसानों के अवैध कब्जे हैं वन विभाग को कुछ जानकारी नहीं है। शिकायत में करीब 600 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे का दावा किया गया है। वन विभाग हर बार सर्वे जारी होने की बात कहकर अवैध कब्जे के सही आंकड़े नहीं रख पाता। वहीं बताया जा रहा है कि गंगा खादर क्षेत्र में एक वनकर्मी की भी कृषि की पैतृक भूमि है। बताया जाता है कि वनकर्मी ने भी कुछ आरक्षित वन क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर खेती की हुई है।