स्मार्ट क्लास से दी जाएगी कान्वेंट स्कूलों को टक्कर
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू करने की शिक्षकों में प्रतिस्पर्द्धा होने लगी है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से यह स्कूल कान्वेंट स्कूलों को टक्कर देंगे। ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी इसके लिए शिक्षकों को प्रेरित कर रहे हैं। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू भी हो गई हैं। निजी खर्चे पर ही शिक्षक स्मार्ट क्लास के लिए आवश्यक सामान जुटा रहे हैं।
परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कायाकल्प करने और कान्वेंट स्कूलों को टक्कर देने के लिए अब इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू की जा रही हैं। जिले के कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू हो चुकी हैं और कई स्कूल शुरू करने की तैयारी में जुटे हैं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 2018 में मिशन ज्योतिर्गमय शुरू किया गया। जिले के करीब 55 स्कूलों को इस मिशन से जोड़ा गया था। जिसके परिणाम भी सुखद आए। कई स्कूलों में कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर कार्य किया गया। अब बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर शिक्षकों को स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू कराने के लिए प्रेरति कर रहे हैं। विकास क्षेत्र किरतपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय हकीकतपुर प्रयाग में शिक्षक गुलशन गुप्ता ने जिले में सबसे पहले स्मार्ट क्लास शुरू की। बीएसए महेश चंद्र ने नजीबाबाद के उच्च प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर आंवला को प्रोजेक्टर उपलब्ध करा इस स्कूल में भी स्मार्ट क्लास शुरू कराई। स्मार्ट क्लास में बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। जिसमें कई प्रकार की गतिविधियां, शिक्षा की कई विधाओं के द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बच्चे खुशी से स्मार्ट क्लास में बैठ कर शिक्षण कार्य करते हैं। ब्लॉक स्तर पर मासिक बैठकों में बीईओ शिक्षकों से निजी खर्चे पर स्मार्ट क्लास शुरू कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इन स्कूलों में शुरू हुई स्मार्ट क्लास
जिले के जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू हुई है उनमें उच्च प्राथमिक विद्यालय हकीकतपुर प्रयाग, अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय किरतपुर प्रथम, कन्या जूनियर हाई स्कूल सरकड़ा खेड़ी, विकास क्षेत्र नजीबाबाद के उच्च प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर आंवला, प्राथमिक विद्यालय लाहक खुर्द, प्राथमिक विद्यालय गाजीपुर कुतुब, कोतवाली देहात के प्राथमिक विद्यालय सैदपुरी महीचंद विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू की गई है।
शिक्षक भी होंगे सम्मानित
स्कूलों में निजी खर्चे पर स्मार्ट क्लास चलाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। एक स्कूल में स्मार्ट क्लास चलाने के लिए करीब 50 हजार रुपये खर्च होते हैं। प्रोजेक्टर, डेस्क, साउंड आदि की व्यवस्था करनी होती है। बीईओ शिव कुमार ने बताया कि किरतपुर में स्मार्ट क्लास चलाने वाले शिक्षकों सम्मानित किया जाएगा। बाद में जिला स्तर पर भी शिक्षक सम्मानित होंगे। उन्होंने बताया कि अकबरपुर आंवाला के शिक्षक सुधीर कुमार मंडल स्तर पर स्मार्ट क्लास का संचालन कर चुके हैं। जिले के करीब 50 अन्य स्कूलों में जल्दी ही स्मार्ट क्लास शुरू होंगी।
समाज का भी लें सहयोग
बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक जिले के कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू हुई हैं। उन्होंने जिले के सभी बीईओ से स्मार्ट क्लास शुरू कराने में सहयोग करने को कहा है। साथ ही समाज के लोगों से भी स्कूलों में सहयोग करने को कहा है। ताकि इन स्कूलों में और भी अच्छा शिक्षण कार्य किया जा सके।