मनरेगा में रोजगार देने मे बिजनौर मंडल में तीसरे स्थान पर
बिजनौर। जिले में मनरेगा कार्यों में तेजी आ गई है। जिला अकुशल कामगारों को मनरेगा में रोजगार देने में तीसरे स्थान पर है। पहले नंबर पर मुरादाबाद और दूसरे पर रामपुर है। डीएम ने शुक्रवार को एक फरियादी युवक का अपने सामने ही जॉबकार्ड बनवाया। अधिकारियों को मनरेगा में अधिक रोजगार देने के निर्देश दिए।
लाकडाउन में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से कामगार आए। शासन ने प्रवासी तथा स्थानीय कामगारों को मनरेगा में पंजीकृत करके काम देने के लिए अभियान चलाया है। धीरे -धीरे कामगारों की संख्या बढ़ी । जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। मनरेगा का अतिरिक्त प्रभार देख रहे एनआरएलएम( राष्ट्रीय ग्रामीणआजीविका मिशन) के उपायुक्त ज्ञान सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा में काम चला। इनमें नौ ब्लॉक की 1126 ग्राम पंचायत में पंजीकृत 26294 कामगारों को रोजगार दिया गया है। प्रवासी मजदूरों को काम प्राथमिकता से दिया गया। महिला मजदूर काफी संख्या में थी। हल्दौर ब्लॉक में सबसे अधिक 5802 तथा नहटौर ब्लॉक में 3358 कामगारों को काम मिला है। बताया कि दस हजार से अधिक प्रवासी कामगार थे।
उपायुक्त ने बताया कि शुक्रवार को किरतपुर ब्लॉक के गांव शादीपुर निवासी संजीव कुमार डीएम रमाकांत पांडेय के पास काम देने की फरियाद लेकर आया था। डीएम ने मनरेगा में काम मिलने के बारे में पूछा। युवक के मना करने पर डीएम ने अपने सामने युवक को जाबकार्ड बनवाकर दिया। ब्लॉक को रोस्टर के अनुसार रोजगार देने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि सभी मजदूरों को काम मिले।