बिजनौर। भले ही सरकार ने समाधान दिवस की शुरूआत त्वरित समाधान के लिए की है लेकिन, यहां पहुंचने वाले फरियादियों को अधिकांश मौके पर समाधान नहीं मिलता। आश्वासन लेकर ही वापिस लौटना पड़ रहा है। शनिवार को जिले की पांचों तहसीलों में समाधान दिवस में 311 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें से केवल 18 शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण हुआ।
जिले में पांच तहसील बिजनौर, धामपुर, चांदपुर, नजीबाबाद, नगीना हैं। शनिवार को समाधान दिवस के दिन सभी अधिकारी समस्याएं सुनने के लिए उपस्थित रहे। मगर, क्या फायदा जब शिकायतकर्ता की शिकायत का निस्तारण ही नहीं हुआ। जी हां, बिजनौर तहसील में 45 लोगों ने शिकायत की। इनमें राजस्व विभाग की 10, पुलिस की आठ सहित अन्य विभागों की शिकायत रहीं। लेकिन मौके पर एक भी शिकायत निस्तारित नहीं हुई। यही, हाल दूसरी तहसीलों में भी रहा। नगीना में 35 लोग अलग-अलग विभाग की अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। मगर, केवल चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया।
n फरियादियों को समाधान के लिए मिला सिर्फ आश्वासन : चांदपुर। सीडीओ रणविजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 69 फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराई। इनमें से चार शिकायत ही मौके पर ही निस्तारित हुईं। उन्होंने जनसामान्य की शिकायतों को सुनते हुए उनके निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। राजस्व विभाग की 36, विद्युत विभाग की सात, पुलिस की 12, विकास की सात, सिंचाई की दो, आपूर्ति की दो व तीन अन्य विभागोंं की शिकायतें शामिल रहीं। संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम नितिन तेवतिया आदि मौजूद रहे।