ग्राम पंचायतों के बजट में 30 प्रतिशत की कटौती
बिजनौर। शासन ने वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों को मिलने वाले धन में 30 प्रतिशत कटौती कर दी है। अभी तक क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए अलग से बजट आवंटित नहीं होता था। अब वित्त आयोग से आवंटित धन में से 15 प्रतिशत धनराशि क्षेत्र पंचायतों, 15 प्रतिशत धनराशि जिला पंचायतों को देने का प्रावधान किया गया है।
गांवों के विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग से धन आवंटन शुरू हो गया है। 14वें वित्त आयोग तक आवंटित सारा धन ग्राम पंचायतों को मिलता था। परंतु अब पंचायतों को मिलने वाले बजट में 30 प्रतिशत कटौती की गई है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि वित्त आयोग से आवंटित धन में से 15 प्रतिशत धनराशि क्षेत्र पंचायतों, 15 प्रतिशत धनराशि जिला पंचायतों को देने का प्रावधान किया गया है। वित्त आयोग की 70 प्रतिशत धनराशि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिलेगी। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग का पैसा आना शुरू हो गया है। पैसा सीधा पंचायतों के खाते में जाता है। क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों का पैसा भी सीधा उनके खाते में जाएगा। शासन ने क्षेत्र पंचायतों द्वारा खर्च किए जाने वाले धन की प्राथमिकता तय कर दी है। क्षेत्र पंचायत को आवंटित धन का आधा भाग स्वच्छता अभियान जैसे राष्ट्रीय अभियान में खर्च होगा। शेष पैसे से गांवों में खड़ंजा, नाली निर्माण आदि के विकास कार्य होंगे। जिले में 1123 ग्राम पंचायत तथा 11 क्षेत्र पंचायत हैं।
क्षेत्र पंचायतों को आबादी के अनुपात में मिलेगा पैसा
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि क्षेत्र पंचायतों को पैसा वहां की आबादी के अनुपात में मिलेगा। जिले में कोतवाली ब्लाक की आबादी सबसे अधिक करीब पौने चार लाख है। सबसे कम आबादी पौने दो लाख किरतपुर ब्लाक की है। दो क्षेत्र पंचायत तीन लाख से अधिक आबादी वाली है जबकि दो लाख से अधिक आबादी वाली छह क्षेत्र पंचायत हैं।
जिले में सबसे अधिक आबादी वाली टॉप पांच क्षेत्र पंचायत
कोतवाली देहात, नजीबाबाद, नूरपुर, मोहम्मदपुर देवमल, जलीलपुर।
दो लाख से कम आबादी वाली क्षेत्र पंचायत
नहटौर, स्योहारा व किरतपुर।