जम्भवाणी हरिकथा में मुक्ति का मार्ग बताया
स्योहारा (बिजनौर)। विश्नोई समाज के सात दिवसीय जम्भवाणी हरिकथा में मुक्ति का मार्ग बताया गया। गांव मुजाहिदपुर खिड़का में सात दिवसीय श्री जम्भवाणी हरि कथा का प्रारंभ हुआ।
हरिद्वार से आए विश्नोई समाज के महान संत स्वामी राजेंद्रानंद ने मुक्ति का रास्ता बताया। कथा का प्रारंभ कलश यात्रा से हुआ। श्री जम्भवाणी हरिकथा में दूर-दूर से विश्नोई समाज के लोग पहुंचे। राजेंद्रानंद ने कहा कि संसार में मुक्ति का एक है साधन है हरि कीर्तन, जो लोग कीर्तन करते हैं वह भवसागर से पार उतर जाते हैं और मोक्ष को प्राप्त होते हैं। कहा कि विश्नोई समाज के संस्थापक श्री गुरु जम्भेश्वर जी महाराज द्वारा दिए गए उपदेश को जन-जन पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है। विश्नोई समाज की सबसे बड़ी महानता रही है कि हरे वृक्ष को कोई काटे तो उसकी जगह अपना सर कटवा दें। जम्भवाणी हरि कथा में स्वामी विस्मबरा नंद , अशोकानंद , महंत चमन ऋषि, शरणानंद, मुक्तानंद, नरेशानंद ने जम्भवाणी के संदेश दिए। इस दौरान समाजसेवी डॉ. मनोज वर्मा, अश्वनी विश्नोई, रजत विश्नोई, निशांत विश्नोई, शिवस्वरूप सिंह, ओमवीर सिंह, विजयवीर सिंह, अजयवीर सिंह, ओमकार सिंह, प्रेमवीर सिंह, ऋषि राज सिंह, कौशल विश्नोई, नीटू विश्नोई आदि मौजूद रहे।