दो लोगों की जिंदगी रोशन कर गईं चैनमाला
बिजनौर। चैनमाला अग्रवाल मरने के बाद भी दो लोगों की जिंदगी रोशन कर गई हैं। चैनमाला अग्रवाल की इच्छा के अनुसार परिजनों ने उनकी आंखें दान कर दीं। अब उनकी आंखों से दो लोगों की जिंदगी में रोशनी भर पाएगी।
बिजनौर की होली लेन कॉलोनी निवासी चैनमाला अग्रवाल के पुत्र प्रमोद अग्रवाल समाजसेवा से जुड़े हैं। विकास अग्रवाल व प्रमोद अग्रवाल ने अंधेरी जिंदगियों को रोशन करके नेत्रदान अभियान जिले में चला रखा है। इसके तहत नागरिकों से नेत्रदान संबंधी फार्म भरवाए जा रहे हैं। चैनमाला अग्रवाल ने भी नेत्रदान संबंधी फार्म भरा था। उन्होंने अपने परिजनों से उनकी मृत्यु के बाद उनकी आंखें दान करने के लिए कह भी दिया था। शुक्रवार शाम चैनमाला अग्रवाल का हृदयगति रुकने से निधन हो गया। परिजनों ने तीर्थकर महावीर यूनिवर्सिटी की टीम को बताया तो उनके चिकित्सकों की टीम आई और चैनमाला अग्रवाल के नेत्रदान संबंधी प्रक्रिया पूरी की। विकास अग्रवाल के मुताबिक नेत्रदान करके दो लोगों के अंधेरे जीवन को रोशन करने से बड़ा पुण्य और कोई नहीं हो सकता है। चैनमाला अग्रवाल की पुत्रवधू मंजू अग्रवाल, पुत्री डा.निकुंज, दामाद डॉ राहुल कुमार, पौत्र मधुप सिंघल, पौत्र वधू शालिनी अग्रवाल ने चैनमाला अग्रवाल के नेत्रदान के प्रण को दूसरों के लिए भी प्रेरणा बताया है।