हस्तिनापुर सेंक्चुअरि से बाहर होंगे जिले के 212 गांव
बिजनौर। कई दशकों से उठ रही हस्तिनापुर सेंक्चुअरि के नए सीमांकन की मांग अब पूरी होने जा रही है। अब जिले के करीब 200 गांव सेंक्चुअरि क्षेत्र से बाहर कर दिए जाएंगे। वहीं अब मात्र 115 गांव ही सेंक्चुअरि में शामिल रहेंगे। ये गांव चांदपुर और बिजनौर तहसील के होंगे। डीएम उमेश मिश्रा ने बिजनौर तहसीलदार और चांदपुर तहसीलदार के नेतृत्व में नए सीमांकन के लिए टीमों का गठन भी कर दिया है।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि के पुनर्गठन को एनजीटी से मंजूरी मिलने के बाद सीमांकन को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। बिजनौर में काम भी शुरू हो गया है। तीन दिन पहले डीएम उमेश मिश्रा, कमिश्नर मेरठ, डीएम मुजफ्फरनगर और दिल्ली के अफसरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई थी। नई सीमा को लेकर चर्चा हुई। जिसमें बिजनौर की ओर से 212 गांवों को सेंक्चुअरि से बाहर रखने का प्रस्ताव रखा गया। अब तक हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में बिजनौर और चांदपुर तहसील के 327 गांव शामिल थे। नया सीमांकन पूरा होने के बाद मात्र 115 गांव ही सेंक्चुअरि में रह जाएंगे।
- बारहसिंघा के संरक्षण को बनी थी हस्तिनापुर सेंक्चुअरी
हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरि की पहली अधिसूचना 1986 में की गई थी। 2073 वर्ग किलोमीटर इस सेंक्चुअरि का क्षेत्रफल बताया जाता है। यूं तो इसे बारहसिंघा के लिए संरक्षित किया गया था, इस सेंक्चुअरि में हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, गंगा में घड़ियाल, डॉल्फिन, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, अजगर आदि देखने को मिलते हैं।
- इन जिलों में फैली है सेंक्चुअरि
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी इस समय मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर जिलों में फैली हुई है।
- नए सीमांकन से यह होंगे लाभ
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। हालांकि बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र के अधिकांश इलाके विकसित हो गए थे और इसके पुनर्गठन की आवश्यकता थी। अब जो 212 गांव सेंक्चुअरि से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे।
- हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में है बिजनौर डीएम आवास
वर्तमान में बिजनौर शहर का ही बड़ा हिस्सा सेंक्चुअरि में आता है। सीमांकन की जरूरत कितनी थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएम आवास, कलक्ट्रेट तक सेंक्चुअरि में आता है।
- सीमांकन के लिए टीमों का गठन किया है
अभी तक हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में 327 गांव आते हैं। इनमें से अब केवल 115 गांव ही सेंक्चुअरि क्षेत्र में रह जाएंगे। नए सीमांकन के लिए बिजनौर और चांदपुर तहसीलदार के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। शीघ्र ही सर्वे शुरू हो जाएगा। सर्वे में बता दिया जाएगा कि कौन से गांव सेंक्चुअरि में रहेंगे, कौन से बाहर होंगे। - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर