नजीबाबाद। भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान के शव को सीतापुर से पैतृक गांव तक लाने की जिम्मेदारी एसडीएम और सीओ नजीबाबाद को सौंपी गई।
सीतापुर में सड़क हादसे में नूरपुर के विधायक लोकेंद्र चौहान और उनके दो गनर की मौत से जिला प्रशासन सकते में आ गया। जिलाधिकारी अटल राय और एसपी प्रभाकर चौधरी ने हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट किया। जिले के दोनों आला अधिकारियों के निर्देश पर नजीबाबाद के एसडीएम सत्येंद्र कुमार और सीओ बृजराज सिंह तड़के सरकारी वाहन से सीतापुर के लिए रवाना हो गए। दोनों अधिकारियों की अगुवाई में दिवंगत विधायक लोकेंद्र चौहान का शव बुधवार शाम उनके पैतृक गांव आलमपुर पहुंचा।
नजीबाबाद थाने में तैनात रहा था बृजेश
नजीबाबाद। नूरपुर विधायक के साथ हादसे में मरे गनर बृजेश मिश्रा की नजीबाबाद थाने में करीब तीन वर्ष पूर्व तैनाती रही। सिपाही बृजेश मिश्रा ने नजीबाबाद के सीओ के हमराह और थाने के मुंशी के रूप में अपने काम और व्यवहार से अधिकारियों का दिल जीता। बृजेश मिश्रा बिजनौर स्थानांतरण के बाद कुछ समय से विधायक के गनर के रूप में उनके साथ तैनात था। नौ माह पहले अप्रैल 2017 में दांपत्य सूत्र में बंधे युवा बृजेश मिश्रा की मृत्यु को सीओ बृजराज सिंह, थाना प्रभारी सतीश कुमार एवं स्टाफ ने दुखद बताया।